उत्तर प्रदेश से कर्नाटक की तुलना नहीं... बेंगलुरु में 'बुलडोजर कार्रवाई' पर मुस्लिम लीग
आईयूएमएल के राष्ट्रीय सचिव पीके कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि उन्होंने कर्नाटक के नेताओं, जिसमें मंत्री और मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, से चर्चा की है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में हुई इस तोड़फोड़ की तुलना उत्तर प्रदेश की घटनाओं से नहीं की जा सकती। बेंगलुरु में सभी समुदायों के लोग प्रभावित हुए हैं।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 400 से अधिक घरों को गिराने के बाद कर्नाटक सरकार विवादों में घिर गई है। अब इस मुद्दे पर उत्तर और दक्षिण भारत की राजनीति शुरू हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेता पीके कुन्हालीकुट्टी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में बुलडोजर से घरों को ध्वस्त करना उत्तर प्रदेश की घटनाओं से तुलना नहीं की जा सकती। आईयूएमएल के राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि उन्होंने कर्नाटक के नेताओं, जिसमें मंत्री और मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, से चर्चा की है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक में हुई इस तोड़फोड़ की तुलना उत्तर प्रदेश की घटनाओं से नहीं की जा सकती। बेंगलुरु में सभी समुदायों के लोग प्रभावित हुए हैं। कुन्हालीकुट्टी ने आगे कहा कि जिन लोगों के घर नष्ट हुए हैं, उनका पुनर्वास किया जाएगा। सरकार द्वारा आकर्षक पुनर्वास पैकेज उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार सत्ता में है, इसलिए इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाना घटिया राजनीति है।
केरल के मुख्यमंत्री ने क्या कहा था?
इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शुक्रवार को बेंगलुरु में मुस्लिम घरों को कथित तौर पर ध्वस्त करने की कड़ी निंदा की और इसे चौंकाने वाला तथा दर्दनाक बताया। विजयन ने फेसबुक पोस्ट में फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट का जिक्र किया, जहां मुस्लिम परिवार कई वर्षों से रह रहे थे। उन्होंने कहा कि यह घटना उत्तर भारत में पहले देखी गई अल्पसंख्यक टार्गेट राजनीति का एक रूप है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी प्रथा अब दक्षिण भारत में भी फैल रही है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भीषण सर्दी में पूरे परिवारों को उनके घरों से बाहर निकाल दिया गया और सड़कों पर धकेल दिया गया, जिससे उनके पास भागने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। विजयन ने कहा था कि कर्नाटक में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार में 'बुलडोजर न्याय' के तहत ऐसा किया गया, जो बहुत आश्चर्यजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि सामाजिक न्याय के लिए खड़े होने का दावा करने वाली पार्टी इस तरह की जबरन बेदखली को कैसे उचित ठहरा सकती है।
बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड ने की थी कार्रवाई
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह येलाहांका के कोगिलू गांव में चलाई गयी तोड़फोड़ कार्रवाई में वसीम लेआउट और फकीर कॉलोनी में 200 से अधिक घर ध्वस्त कर दिए गए। खबरों के मुताबिक, यह कार्रवाई 'बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड' द्वारा की गई थी। खबरों में कहा गया है कि प्रस्तावित अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई के लिए निर्धारित भूमि पर अतिक्रमण किया गया था जिसे हटाने के लिए घरों को तोड़ा गया था।




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