प्रेम विवाह की सजा मौत! बेटी की हत्या के बाद 'आत्महत्या' की झूठी कहानी, नप गए CI साहब
पुलिस के अनुसार, चौदेश्वरी का एक युवक के साथ प्रेम संबंध था, जिसका उसके परिवार ने कड़ा विरोध किया। 4 मार्च को युवती ने घर छोड़ दिया और अपने माता-पिता की मर्जी के खिलाफ जाकर प्रेमी से शादी कर ली। जानें फिर आगे क्या हुआ…

आंध्र प्रदेश के माचेरला कस्बे में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि यहां पर एक युवती चौदेश्वरी की उसके प्रेमी से शादी करने के विरोध में परिवार वालों ने हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि हत्या को छिपाने और इसे आत्महत्या का मामला बनाने की कोशिश में स्थानीय पुलिस अधिकारी की संलिप्तता सामने आने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, घटना पिछले महीने मार्च में हुई। बताया गया कि चौदेश्वरी का एक युवक के साथ प्रेम संबंध था, जिसका उसके परिवार ने कड़ा विरोध किया। 4 मार्च को युवती ने घर छोड़ दिया और अपने माता-पिता की मर्जी के खिलाफ जाकर प्रेमी से शादी कर ली। शादी के कुछ दिनों बाद परिवार ने युवती के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की। माचेरला के सर्कल इंस्पेक्टर (CI) ने 15 मार्च को दोनों का पता लगाया और कथित तौर पर युवती को धमकाकर उसके माता-पिता के घर वापस भेज दिया।
गला घोंटकर की गई थी हत्या
जांच के मुताबिक, पुलिस अधिकारी ने युवती को उसके परिवार के हवाले करते हुए उन्हें मदद पहुंचाई। तीन दिन बाद 18 मार्च को चौदेश्वरी अपने माता-पिता के घर में मृत अवस्था में पाई गई। परिवार ने शुरू में दावा किया कि युवती ने आत्महत्या कर ली, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया। डॉक्टरों ने रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि युवती की हत्या सोते समय तकिए से गला घोंटकर की गई थी।
सर्कल इंस्पेक्टर ने रची साजिश
इसके बाद पुलिस ने युवती के पिता चंद्रश्रीनु और एक अन्य रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया, और पूछताछ की। जांचकर्ताओं का मानना है कि परिवार ने शादी के विरोध में गुस्से में आकर यह हत्या कर दी। वहीं, आगे की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सर्कल इंस्पेक्टर ने परिवार से रिश्वत ली और हत्या को आत्महत्या बताकर बचाने की कोशिश की। पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड और परिवार द्वारा की गई बड़ी रकम की निकासी की जांच कर रही है।
डीजीपी के आदेश पर सर्कल इंस्पेक्टर सस्पेंड
बताया जा रहा है कि पुलिस महानिदेशक ( DGP ) के आदेश पर संबंधित सर्कल इंस्पेक्टर को तत्काल निलंबित कर दिया गया है, और आगे की जांच जारी है। बताया जा रहा है कि सीआई अगर दोषी पाया गया तो उस पर साजिश रचने, रिश्वत लेने और सबूत नष्ट करने के गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए जा सकते हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।




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