'देश में फिर लॉकडाउन लगा सकते हैं मोदी', PM की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक से पहले भड़कीं ममता
आपको बता दें कि शुक्रवार को ईंधन आपूर्ति पर होने वाली इस बैठक में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल जैसे चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित नहीं किया गया है।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की तपिश के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पश्चिम बर्द्धमान के पांडवेश्वर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ने देश में फिर से 'लॉकडाउन' लगने की आशंका जताई और कहा कि भाजपा की कोई भी रणनीति उन्हें लड़ने से नहीं रोक सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन की स्थिति पर मुख्यमंत्रियों के साथ बुलाई गई वर्चुअल बैठक से एक दिन पहले ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाया है।
उन्होंने कहा, "वे फिर से लॉकडाउन लगा सकते हैं और लोगों को घरों में कैद कर सकते हैं। 2021 में भी हमने लॉकडाउन के बीच चुनाव लड़ा और जीता था। मैं किसी भी स्थिति में लड़ने के लिए तैयार हूं।"
आपको बता दें कि शुक्रवार को ईंधन आपूर्ति पर होने वाली इस बैठक में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल जैसे चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित नहीं किया गया है।
एलपीजी और ईंधन संकट पर घेरा
ममता बनर्जी ने देश में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत और बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले सिलेंडर 400 रुपये का था, जो अब 1,100 रुपये का हो गया है। उन्होंने बुकिंग के 25-35 दिन बाद सिलेंडर मिलने की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोग खाना पकाने के आदिम तरीकों पर लौटने को मजबूर हैं।
मुख्यमंत्री ने 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग के बीच साठगांठ का आरोप लगाया। ममता ने भाजपा को 'गायब करने वाली शक्तियों वाली वॉशिंग मशीन' बताया और कहा कि इसमें डालकर असली मतदाताओं (हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, एससी/एसटी) के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिनकी नाम हटाए गए हैं, टीएमसी उन्हें ट्रिब्यूनल में लड़ने के लिए मुफ्त कानूनी सहायता और हर इलाके में कैंप लगाकर मदद प्रदान करेगी।
अभिषेक बनर्जी ने भी साधा निशाना
टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने जलपाईगुड़ी के धुपगुड़ी में एक रैली के दौरान भाजपा पर धर्म की राजनीति करने और रोजी-रोटी जैसे मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जो लोग यहां सौ साल से रह रहे हैं, उन्हें नागरिकता का सबूत देने के लिए मजबूर किया जा रहा है।" उन्होंने पिछले साल पहलगाम में हुई आतंकी घटना का जिक्र करते हुए गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की।
सरकार गिरने की भविष्यवाणी
ममता बनर्जी ने दावा किया कि केंद्र की भाजपा सरकार इस साल अगस्त या सितंबर तक गिर जाएगी। उन्होंने चुनाव आयोग को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे भाजपा के एजेंट के रूप में काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने समर्थकों से मतदान और गिनती के दिन किसी भी प्रकार के बल प्रयोग के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।




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