उमर खालिद को पत्र लिखने वाले ममदानी को MEA की नसीहत, कहा- जिम्मेदारियों पर ध्यान दें
उमर खालिद को पत्र लिखकर अपना समर्थन देने वाले न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी को विदेश मंत्रालय ने नसीहत दी है। मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि जनप्रतिनिधियों को लोकतांत्रिक देशों की न्यायपालिका की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए।

दिल्ली दंगों के मामले में जेल में बंद उमर खालिद को न्यूयॉर्क के नए नवेले मेयर जोहरान ममदानी द्वारा लिखे गए खत ने जमकर सुर्खियां बटोरीं थीं। अब इस मामले पर भारत का बयान सामने आया है। ममदानी के पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि जन प्रतिनिधियों को दूसरे लोकतांत्रिक देशों की न्यायपालिका की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए। उनसे ऐसी ही अपेक्षा की जाती है।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम जन प्रतिनिधियों से अन्य लोकतांत्रिक देशों में न्यायपालिका की स्वतंत्रता का सम्मान करने की अपेक्षा करते हैं। व्यक्तिगत पूर्वाग्रहों को व्यक्त करना पद पर बैठे लोगों को शोभा नहीं देता। ऐसी टिप्पणियों के बजाय, उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करना बेहतर होगा।”
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में उमर खालिद की दोस्त बनोज्योत्सना लाहिड़ी एक्स पर जोहरान ममदानी का लिखा हुआ एक खत शेयर किया था, जो कि उन्होंने उमर खालिद को संबोधित करते हुए लिखा था। इस खत में जोहरान ने लिखा,"प्रिय उमर, मैं अक्सर कड़वाहट के बारे में आपके शब्दों और इसे खुद पर हावी न होने देने के महत्व के बारे में सोचता हूं। आपके माता-पिता से मिलकर बहुत खुशी हुई। हम सभी आपके बारे में सोच रहे हैं।”
रिपोर्ट्स के मुताबिक उमर खालिद के माता-पिता की अमेरिका यात्रा के दौरान जोहरान ममदानी ने उनसे मुलाकात की थी। इसी दौरान उन्होंने यह खत उनको दिया था। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक खालिद के माता-पिता, साहिबा खानम और सैयद कासिम रसूल इलियास, अपनी सबसे छोटी बेटी की शादी से पहले अमेरिका गए थे। ताकि वे अपनी दूसरी बेटी से मिल सकें, जो वहां रहती है और भारत आने में असमर्थ है।




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