भारत आकर अमेरिकियों को मूर्ख बताने लगे रूबियो, बोले- हर देश में होते हैं ऐसे लोग; क्या वजह?
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने नई दिल्ली में कहा कि अमेरिका में कुछ मूर्ख लोग भारतीयों के ऊपर नस्लीय टिप्पणी करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका आम तौर पर प्रवासियों का स्वागत करने वाला देश है। संयुक्त राज्य के निर्माण में प्रवासियों की अहम भूमिका है।

Marco Rubio in New Delhi: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो चार दिन के लिए भारत दौरे पर आए हुए हैं। विदेश मंत्री जयशंकर के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया ने अमेरिका में भारतीय के खिलाफ होने वाले नस्लीय हमलों को लेकर सवाल पूछा। इसके जवाब में रूबियो ने कहा कि अमेरिका में भारतीय पर ऐसी टिप्पणी करने वाले लोग मूर्ख हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं अमेरिका के चरित्र को प्रदर्शित नहीं करती हैं। अमेरिका प्रवासियों का स्वागत करने वाला देश है।
विदेश मंत्री जयशंकर के साथ उनके अमेरिकी समकक्ष ने मीडिया के सवालों का बखूबी सामना किया। उन्होंने भारतीय के खिलाफ नस्लवादी टिप्पणियों की भी निंदा की। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि कुछ लोग हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर या अन्य जगहों पर ऐसी बातें की हैं। लेकिन यह अमेरिका का चरित्र नहीं है। यह कुछ मूर्ख लोग होते हैं। मुझे यकीन है कि दुनिया के हर देश में ऐसे मूर्ख होते हैं। ठीक वैसे ही यह अमेरिका के मूर्ख हैं, जो हर समय केवल बेवकूफी भरी टिप्पणियां करते रहते हैं।"
संयुक्त राज्य अमेरिका के विकास में प्रवासियों का बड़ा योगदान: रूबियो
मार्को रूबियो ने संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के विकास में भारतीयों की भूमिका का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका प्रवासियों का स्वागत करने वाला देश है। हमारा राष्ट्र उन लोगों से समृद्ध हुआ है, जो दुनिया भर से हमारे देश में आए हैं, अमेरिकी बने और हमारी जीवन शैली में घुल-मिल गए। इसने हमारे देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है।"
बता दें, संयुक्त राज्य अमेरिका को प्रवासियों का देश ही कहा जाता है। पिछली कई सदियों से वहां पर यूरोप और दुनिया के दूसरे भागों से लोग जाते रहे हैं। भारत से भी काफी लोग वहां पर जाकर बसे हैं। लेकिन अब जैसे-जैसे वैश्विकरण का दौर बड़ा है। अमेरिका में रहने वाले लोगों में प्रवासियों को लेकर घृणा की भावना बढ़ रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी प्रवासियों को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं दिखते हैं। अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में उन्होंने अमेरिका में आए अवैध प्रवासियों को हथकड़ी लगवाकर उनके देश वापस भेजा था।
अमेरिका ने बदले वीजा नियम, भारतीयों पर असर
इतना ही नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रवासियों की संख्या को कम करने के लिए J1, F1, H-1B जैसे अमेरिकी वीजा प्रणालियों में भी बदलाव किया है। इससे सबसे ज्यादा फायदा भारतीय नागरिकों को होता था, जो कि अब अधर में हैं। भारत दौरे के दौरान रूबियो से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह एक वैश्विक प्रक्रिया है। इसका केवल भारत से लेना देना नहीं है। अमेरिका के विदेश मंत्री चाहें कुछ भी कहें, लेकिन सच्चाई तो यही है कि इससे सबसे ज्यादा भारतीय ही प्रभावित हो रहे हैं।
अमेरिका में निवेश कर रहीं भारतीय कंपनियां: रुबियो
अमेरिका के विदेश मंत्री ने भारतीय कंपनियों द्वारा अमेरिका में किए जा रहे निवेश की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए भारतीय कंपनियों और भारतीय पेशेवर लोगों का योगदान महत्वपूर्ण है। बकौल, रुबियो भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में अब तक 20 अरब डॉलर का निवेश किया है और ट्रंप प्रशासन चाहता है कि यह संख्या और भी ज्यादा बढ़े।




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