Man Who Served Jhalmuri to Modi Receives Threats from Pakistan Says Had Mamata Not Lost I Would Have Had to Return bihar मोदी को झालमुड़ी खिलाने वाले को पाक से धमकी, कहा- ममता नहीं हारतीं तो बिहार लौटना पड़ता, India News in Hindi - Hindustan
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मोदी को झालमुड़ी खिलाने वाले को पाक से धमकी, कहा- ममता नहीं हारतीं तो बिहार लौटना पड़ता

आपको बता दें कि बिहार के गया जिले का रहने वाला यह परिवार पिछले 20 वर्षों से झाड़ग्राम में रहकर अपनी आजीविका चला रहा है। परिवार में विक्रम के वृद्ध माता-पिता, पत्नी और एक 5 साल का मासूम बेटा है।

Fri, 29 May 2026 07:27 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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मोदी को झालमुड़ी खिलाने वाले को पाक से धमकी, कहा- ममता नहीं हारतीं तो बिहार लौटना पड़ता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक चुनावी जनसभा के सिलसिले में झाड़ग्राम गए थे। जनसभा के बाद सड़क मार्ग से लौटते समय उनका काफिला अचानक झाड़ग्राम शहर के राज कॉलेज क्रॉसिंग के पास रुका। प्रधानमंत्री ने वहां स्थित छबनलाल स्पेशल झालमुड़ी नाम की दुकान से मात्र 10 रुपये की झालमुड़ी खरीदी और उसका लुत्फ उठाया। इस साधारण सी घटना ने एक सामान्य मध्यवर्गीय परिवार के नौजवान विक्रम की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। वह रातों-रात राष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर छा गया, लेकिन यही शोहरत आज उसकी जिंदगी के लिए सबसे बड़ी मुश्किल बन चुकी है। विक्रम खुद इस बात को स्वीकार करता है।

इस घटना के बाद कुमुद कुमारी संस्थान के पास कॉलेज क्रॉसिंग पर स्थित विक्रम की दुकान के ठीक सामने अब चौबीसों घंटे पुलिस का कड़ा पहरा रहता है। पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर दुकान के अंदर और बाहर CCTV कैमरे भी लगवा दिए हैं। स्थिति यह है कि विक्रम से मिलने या दुकान पर जाने वाले हर व्यक्ति को पहले पुलिस को अपने आने का मकसद बताना पड़ता है।

पाकिस्तान-बांग्लादेश से धमकियां

अचानक इस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की वजह पूछने पर चौंकाने वाला सच सामने आता है। विक्रम ने एक स्थानीय मीडिया आनंद बाजार को बताया कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसकी दुकान पर आए हैं, तभी से उसे लगातार जान से मारने और उजाड़ने की धमकियां मिल रही हैं। ये धमकियां किसी स्थानीय असामाजिक तत्वों से नहीं, बल्कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से अंतरराष्ट्रीय नंबरों के जरिए टेक्स्ट मैसेज और WhatsApp पर आ रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विक्रम ने झाड़ग्राम थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक दुकान पर हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए हैं।

'अचानक आए थे पीएम मोदी'

विक्रम ने भावुक होकर बताया, "सोचा नहीं था कि देश के प्रधानमंत्री को सिर्फ 10 रुपये की झालमुड़ी खिलाने की इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। वह अचानक आए और उन्होंने ऑर्डर दिया। मुझे पहले से कुछ नहीं पता था। मोदी जी द्वारा दिए गए उस 10 रुपये के नोट को मैंने आज भी अपनी अलमारी में सुरक्षित संभालकर रखा है, लेकिन अब पूरा परिवार दहशत में है।"

आपको बता दें कि बिहार के गया जिले का रहने वाला यह परिवार पिछले 20 वर्षों से झाड़ग्राम में रहकर अपनी आजीविका चला रहा है। परिवार में विक्रम के वृद्ध माता-पिता, पत्नी और एक 5 साल का मासूम बेटा है। वे दुकान से थोड़ी दूरी पर 5,000 रुपये प्रति माह के किराए के मकान में रहते हैं। पहले विक्रम सड़क किनारे ठेले पर झालमुड़ी बेचता था, लेकिन कुछ समय पहले ही 5 लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज लेकर उसने इस पक्की दुकान की स्थापना की थी ताकि अपने परिवार को एक सम्मानजनक जीवन दे सके।

विक्रम ने कहा कि प्रधानमंत्री के आने के बाद से स्थानीय स्तर पर उसे भाजपा का समर्थक मान लिया गया था। उसने कहा, "अगर राज्य में राजनीतिक समीकरण नहीं सुधरते या ममता बनर्जी की पार्टी फिर से वैसी ही आक्रामक रहती तो शायद मुझे अपना सब कुछ समेटकर वापस बिहार लौटना पड़ता।"