कोलकाता के आरजी कर अस्पताल की लिफ्ट में फंसने से शख्स की मौत, भाजपा ने बताया मर्डर
अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब 40 वर्षीय उस व्यक्ति को जब आपातकालीन इकाई में लाया गया तो उसकी नाक से खून बह रहा था। उन्होंने कहा कि मृत्यु के कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

कोलकाता का सरकारी आर जी कर अस्पताल एक बार फिर से सुर्खियों में है। यहां की लिफ्ट में कथित तौर पर फंसने से शुक्रवार को एक व्यक्ति की मौत हो गई जिसके बाद भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने इसे हत्या करार दिया और इस घटना के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दोषी ठहराया। भाजपा ने जहां राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में भ्रष्टाचार को घटना का कारण बताया, वहीं अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की प्रभारी मुख्यमंत्री बनर्जी, स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम और अस्पताल के अधीक्षक को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। पश्चिम बंगाल की निवर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता ने दावा किया कि आर जी कर मेडिकल कॉलेज में जिस लिफ्ट में उस व्यक्ति की मृत्यु हुई, उसकी घटना के समय मरम्मत की जा रही थी।
उन्होंने पूर्वी मेदिनीपुर के महिषादल में चुनाव प्रचार करते हुए पत्रकारों से कहा, "मेरे पास दस्तावेज हैं... उन्होंने जानबूझकर मरम्मत के दौरान चल रही लिफ्ट का इस्तेमाल करके (उस व्यक्ति की) हत्या कर दी। इस मामले में तुरंत हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।" नंदीग्राम में अपने गढ़ से चुनाव लड़ने के अलावा, अधिकारी राज्य चुनावों में भाबानीपुर में बनर्जी के खिलाफ भी चुनाव लड़ रहे हैं। इस मौत ने चुनावों से पहले विपक्षी दल को नया हथियार दे दिया है। यह घटना तब घटी जब पीड़ित अपने चार वर्षीय बेटे को आर जी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इलाज के लिए लेकर आया था।
पत्नी के साथ लिफ्ट में फंस गए थे
आरोप है कि ट्रॉमा केयर यूनिट में वह अपनी पत्नी के साथ लिफ्ट में फंस गए, जब लिफ्ट अचानक खराब हो गई। परिवार ने यह भी दावा किया कि लिफ्ट में कोई लिफ्टमैन मौजूद नहीं था। अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब 40 वर्षीय उस व्यक्ति को जब आपातकालीन इकाई में लाया गया तो उसकी नाक से खून बह रहा था। उन्होंने कहा, "मृत्यु के कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया जाएगा।" अस्पताल की रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष और कोलकाता के उप महापौर अतीन घोष ने स्वीकार किया कि कुछ चूक हो सकती है जिसके कारण यह "दुर्भाग्यपूर्ण घटना" घटी। घोष ने कहा कि पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। इस घटना का फायदा उठाते हुए शुभेंदु अधिकारी ने मौजूदा ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला और अस्पताल अधिकारियों को "प्रत्यक्ष हत्यारा" तथा स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव को "अप्रत्यक्ष हत्यारा" करार दिया।
टीएमसी सरकार पर भड़की बंगाल भाजपा
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने भी इस घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा और कहा कि आरजी कर अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है और सरकार पर स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के प्रति लापरवाही का आरोप लगाया। पार्टी ने दावा किया कि यह घटना इसलिए हुई क्योंकि लिफ्ट ऑपरेटर मौजूद नहीं था और मरम्मत कार्य के दौरान भी लिफ्ट को बंद नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, "टीएमसी सरकार मदरसों पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में आवश्यक बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए पैसा खर्च नहीं किया जाता है।" 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा गया, "इसके अलावा, स्वास्थ्य मंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में भ्रष्टाचार के कारण, पिछले 15 वर्षों में अस्पतालों में इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं काफी आम हो गई हैं।"
आरजी कर में हो चुका है डॉक्टर के साथ रेप एंड मर्डर
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में में 9 अगस्त 2024 को एक 31 वर्षीय महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। डॉक्टर का शव अस्पताल के एक सेमिनार रूम में संदिग्ध हालत में मिला था, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। पुलिस ने मामले में एक सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया था, जिस पर मुख्य आरोपी होने का आरोप लगा था। जांच पर सवाल उठने के बाद मामला हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई को सौंपा गया था। इस घटना के बाद पूरे देश में डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया था और अस्पतालों में सुरक्षा को लेकर बड़ा मुद्दा खड़ा हो गया था।




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