Mamata clips Abhishek Banerjee wings places trust in old loyalists major reshuffle in TMC ममता ने कतरे अभिषेक बनर्जी के पर, पुराने वफादारों पर भरोसा; TMC में बड़ा फेरबदल, India News in Hindi - Hindustan
More

ममता ने कतरे अभिषेक बनर्जी के पर, पुराने वफादारों पर भरोसा; TMC में बड़ा फेरबदल

ममता बनर्जी ने इस संकट की घड़ी में अपने पुराने और वफादार सिपहसालारों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। चंद्रिमा भट्टाचार्य को पश्चिम बंगाल टीएमसी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।

Sun, 7 June 2026 05:22 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
share
ममता ने कतरे अभिषेक बनर्जी के पर, पुराने वफादारों पर भरोसा; TMC में बड़ा फेरबदल

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में बगावत और अपनी ही पार्टी में मिल रही सीधी चुनौती के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने संगठन में 360-डिग्री बदलाव का ऐलान किया है। पार्टी में जारी बगावत को शांत करने और असंतुष्ट नेताओं को साधने के लिए ममता ने एक साथ कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनमें सबसे चौंकाने वाला कदम उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के अधिकारों में कटौती करना है। अब तक पार्टी में नंबर 2 और अघोषित बॉस माने जाने वाले राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के पर कतर दिए गए हैं। संगठन में उनकी मनमानी से उपजे असंतोष को देखते हुए ममता ने अब उनके साथ दो और राष्ट्रीय महासचिवों की नियुक्ति की है।

डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन ये दोनों सांसद अब अभिषेक बनर्जी के साथ राष्ट्रीय महासचिव के रूप में काम करेंगे और संगठन के कामकाज में उनकी मदद करेंगे। इस कदम से ममता ने स्पष्ट कर दिया है कि अभिषेक बनर्जी अब जवाबदेही से परे नहीं हैं और पार्टी के फैसलों पर उनकी एकलौता पकड़ खत्म कर दी गई है।

बगावत की वजह, अभिषेक की कार्यशैली?

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी में मौजूदा विद्रोह ममता बनर्जी के खिलाफ कम और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ ज्यादा है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद एक बैठक में ममता बनर्जी ने नेताओं से अभिषेक की भूमिका की सराहना करने को कहा था, जिससे कई वरिष्ठ नेता नाराज हो गए। उन्हें लगा कि अभिषेक की कार्यशैली ही पार्टी की अलोकप्रियता का मुख्य कारण है। 19 मई को कालीघाट में हुई बैठक में ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा जैसे बागी नेताओं ने पहली बार खुलकर अपना विरोध दर्ज कराया था।

पुराने वफादारों पर भरोसा

ममता बनर्जी ने इस संकट की घड़ी में अपने पुराने और वफादार सिपहसालारों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। चंद्रिमा भट्टाचार्य को पश्चिम बंगाल टीएमसी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। यह नियुक्ति संगठनात्मक बदलाव का सबसे बड़ा संकेत है। सुब्रत बख्शी राष्ट्रीय कार्यसमिति में उपाध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे। महिला नेतृत्व को बढ़ावा देते हुए सजदा अहमद, ममता ठाकुर, नयना बंद्योपाध्याय और स्वाति खांडेकर को पश्चिम बंगाल टीएमसी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। युवा मोर्चा में सांसद सयानी घोष टीएमसी युवा विंग की अध्यक्ष बनी रहेंगी।

कुणाल घोष का पलटवार

बागी नेताओं पर हमला बोलते हुए टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने शुक्रवार को कहा कि ये लोग प्रशासनिक दबाव के कारण पार्टी तोड़ रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अभी तो चुनाव की स्याही भी उंगलियों से नहीं मिटी है, बीजेपी ने अपने मंत्रियों को विभाग तक नहीं बांटे हैं और इन्होंने पाला बदलना शुरू कर दिया। ये लोग ममता बनर्जी के नाम पर चुनाव जीते थे, इनकी हरकतें इनके चरित्र को दर्शाती हैं। लेकिन असली कार्यकर्ता आज भी ममता के साथ हैं।"

ममता बनर्जी का यह कोर्स करेक्शनॉ उस समय आया है जब पार्टी के भीतर से ही उनके नेतृत्व को चुनौती दी जा रही है। अब देखना यह है कि नए संगठनात्मक ढांचे से टीएमसी इस आंतरिक कलह को थाम पाती है या नहीं।