वोटिंग के बाद मशीन बदल सकते हैं, 24 घंटे रखो निगरानी; EVM पर ममता बनर्जी ने उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल मतदाताओं को डराने-धमकाने और उनकी नामें हटाने के लिए किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि मुर्शिदाबाद से करीब 500 अधिकारियों को गलत तरीके से हटाया गया है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद में रविवार को जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों (EVM) से छेड़छाड़ का मुद्दा उठाया। ममता ने अपने समर्थकों से कहा, 'सभी ईवीएम मशीनों की अच्छी तरह से जांच करें। बूथ एजेंट्स को भी EVM की अच्छी तरह से जांच करनी चाहिए। मुझे उनकी योजना पता है। वोटिंग के बाद, सीआरपीएफ और केंद्रीय बलों की निगरानी में वे अंदर जा सकते हैं और मशीन बदल सकते हैं, इसलिए हमें 24 घंटे निगरानी रखनी होगी। आपको सावधानी से देखना चाहिए कि वे ईवीएम को हैक न करें।'
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल मतदाताओं को डराने-धमकाने और उनकी नामें हटाने के लिए किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि मुर्शिदाबाद से करीब 500 अधिकारियों को ऐसे तरीके से हटा दिया गया है, जिससे राज्य का प्रशासनिक काम-काज प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि भले ही यह काम कुछ समय के लिए धीमा पड़ जाए, लेकिन चुनाव के बाद सब कुछ फिर से सामान्य हो जाएगा। ममता ने चेतावनी देते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम काटना नागरिकों पर दबाव डालने और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश है।
शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनावी मुकाबला
टीएमसी चीफ ने घोषणा की कि भविष्य में किसानों के लिए अलग से बजट लाया जाएगा, जिसे उन्होंने कृषि समुदाय को समर्थन देने का एक अहम कदम बताया। ममता बनर्जी इस बार भाजपा के शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ भवानीपुर सीट से भारी मुकाबले में उतरेंगी। 2011 से भवानीपुर से विधायक रही ममता बनर्जी चौथी बार इस सीट को बचाने की कोशिश करेंगी। हालांकि, इस बार अधिकारी के सीधे मुकाबले में उनके लिए सीट बचाना आसान नहीं होगा।
फिलहाल पश्चिम बंगाल में विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (SIR) न्यायपालिका की निगरानी में चल रहा है। इस अभ्यास के बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या अब 7,04,59,284 (7.04 करोड़) रह गई है, जबकि पहले यह 7,66,37,529 (7.66 करोड़) थी। यानी मतदाता सूची में 61 लाख से अधिक नामों में बदलाव हुआ है। चुनाव आयोग के अनुसार, 60,06,675 मतदाताओं के नामों पर विचार-विमर्श चल रहा था और अब विचाराधीन नामों की पहली पूरक सूची जारी कर दी गई है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होनी है।




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