Mamata Banerjee Refusing to Resign did Not Work Governor Dissolved Bengal Assembly ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया था इनकार, अब राज्यपाल ने उठाया बड़ा कदम, India News in Hindi - Hindustan
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ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया था इनकार, अब राज्यपाल ने उठाया बड़ा कदम

बंगाल चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। अब राज्यपाल आरएन रवि ने बड़ा कदम उठाते हुए विधानसभा को भंग कर दिया है।

Thu, 7 May 2026 10:55 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया था इनकार, अब राज्यपाल ने उठाया बड़ा कदम

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार करने वाली ममता बनर्जी का दांव नहीं चला। राज्यपाल आरएन रवि ने बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया है। चार मई को आए चुनावी नतीजों में न सिर्फ ममता बनर्जी को भवानीपुर से हार का सामना करना पड़ा, बल्कि 15 सालों तक रही टीएमसी की सत्ता भी चली गई थी। भाजपा ने बंपर जीत हासिल करते हुए 207 सीटें हासिल की थी।

एक आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, राज्यपाल आरएन रवि ने पश्चिम बंगाल राज्य विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद, सात मई से उसे भंग कर दिया है। वर्तमान विधानसभा का गठन मई 2021 में हुआ था, जब ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी थी। विधानसभा का भंग किया जाना हाल ही में संपन्न हुए दो चरणों के चुनावों के बाद मौजूदा विधानसभा के कार्यकाल की औपचारिक समाप्ति का प्रतीक है।

चुनावी नतीजे लोगों का जनादेश नहीं, बल्कि साजिश थे, यह आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद राज्य में एक संवैधानिक अनिश्चितता और राजनीतिक टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। बनर्जी ने नतीजे को मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि उनकी पार्टी भाजपा से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग से लड़ रही है।

हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, ''मैं इस्तीफा क्यों दूं? हम हारे नहीं हैं। जनादेश को लूट लिया गया है। इस्तीफे का सवाल ही कहां उठता है?'' उन्होंने कहा, "मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हम लोगों के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश की वजह से हारे हैं... मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी।"

वहीं, बंगाल में चुनावी पराजय के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने संगठन की कार्यप्रणाली और नेतृत्व के फैसलों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने हार के लिए चुनाव आयोग की मतगणना प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराया, वहीं क्षेत्र के कुछ नेताओं ने सीधे तौर पर उन्हें ही पराजय का कारण बताया। मालदा के वरिष्ठ नेता कृष्णेंदु नारायण चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी द्वारा 'ईंट-ईंट जोड़कर' खड़ी की गई पार्टी को एक व्यक्ति ने इस स्थिति तक पहुंचा दिया। उन्होंने पार्टी में 'कॉरपोरेट शैली' की कार्यप्रणाली की भी आलोचना की।

राजगंज के पूर्व विधायक खगेश्वर राय ने रणनीतिक फैसलों के लिए आई-पैक पर निर्भरता को हार का कारण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठनात्मक नियंत्रण को बाहरी एजेंसी के हाथों सौंपना नुकसानदेह साबित हुआ। कूचबिहार में भी असंतोष सामने आया है। वरिष्ठ नेता रवींद्रनाथ घोष ने उम्मीदवार चयन और पार्टी की वर्तमान कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उनकी बेटी ने भी आरोप लगाया कि पार्टी में सिंडिकेट राज कायम हो गया है और जमीनी रिपोर्ट बिना सिफारिश शीर्ष नेतृत्व तक नहीं पहुंचती।