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ममता बनर्जी ने कोर्ट में पहनी वकील की ड्रेस, बार काउंसिंल चीफ बोले- फर्जी लोग घूमते रहते हैं

ममता बनर्जी के कलकत्ता हाई कोर्ट में वकील की ड्रेस पहनकर पहुंचने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने उनके वकालत के लाइसेंस पर सवाल उठाते हुए जांच के आदेश दिए हैं। पढ़ें क्या है पूरा मामला।

Fri, 15 May 2026 07:27 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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ममता बनर्जी ने कोर्ट में पहनी वकील की ड्रेस, बार काउंसिंल चीफ बोले- फर्जी लोग घूमते रहते हैं

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी कोलकाता हाईकोर्ट में वकील की ड्रेस यानी काले कोट और सफेद बैंड पहनकर पेश हुईं। इससे एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन और बीजेपी सांसद मनन कुमार मिश्रा ने इस पर आपत्ति जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं कि क्या उनके पास वकालत करने का वैध लाइसेंस है या नहीं।

क्या है पूरा मामला?

कोर्ट में वकीलों वाली वेशभूषा: ममता बनर्जी 2026 के राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हुई कथित 'चुनाव बाद हिंसा' से जुड़ी एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने वकीलों वाली निर्धारित ड्रेस पहनी हुई थी और चीफ जस्टिस एचसी सुजॉय पॉल की बेंच के सामने अपनी पार्टी का पक्ष रखा।

किसने दायर की थी याचिका: यह याचिका टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी के बेटे और उत्तरपाड़ा विधानसभा से टीएमसी उम्मीदवार, वकील सिरसन्या बनर्जी ने दायर की थी। इसमें चुनाव के बाद पार्टी दफ्तरों पर हमले और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया गया था।

BCI चेयरमैन ने क्या आपत्ति जताई?

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने ममता बनर्जी की ड्रेस को लेकर कई सवाल खड़े किए।

ड्रेस में अंतर: उन्होंने कहा कि जब ममता बनर्जी 'आरजी कर' मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गई थीं, तब वह वकील की ड्रेस में नहीं थीं। लेकिन इस बार वह वकील बनकर कोर्ट में पेश हुईं।

लाइसेंस पर संदेह: मिश्रा ने तीखा तंज कसते हुए कहा, "मुझे नहीं पता कि उनके पास लाइसेंस है भी या नहीं। ऐसे बहुत से फर्जी लोग घूमते रहते हैं। हम इस बात की पुष्टि कर रहे हैं।"

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बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने क्या कदम उठाया?

इस घटना के तुरंत बाद, 14 मई को BCI ने पश्चिम बंगाल राज्य बार काउंसिल को एक पत्र लिखा है, जिसमें दो दिन के भीतर ममता बनर्जी के कानूनी प्रैक्टिस के दर्जे से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी गई है।

BCI ने राज्य काउंसिल से मुख्य रूप से यह जानकारी मांगी है-

एनरोलमेंट नंबर और तारीख: उनका रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है और उन्होंने राज्य बार काउंसिल में कब पंजीकरण कराया था।

वर्तमान स्थिति: क्या उनका नाम आज भी राज्य के वकीलों की सूची में सक्रिय रूप से दर्ज है।

लाइसेंस सस्पेंशन की जानकारी: चूंकि ममता बनर्जी 2011 से 2026 तक एक संवैधानिक पद (मुख्यमंत्री) पर रहीं, इसलिए क्या उन्होंने इस दौरान स्वेच्छा से अपनी कानूनी प्रैक्टिस को रोकने या छोड़ने की कोई आधिकारिक जानकारी बार काउंसिल को दी थी?

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क्या ममता बनर्जी ने लॉ की पढ़ाई की है?

पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने कोलकाता के जोगमाया देवी कॉलेज से इतिहास में बी.ए. (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से इस्लामिक इतिहास में एम.ए. (M.A.) किया है। उन्होंने श्री शिक्षायतन कॉलेज से बैचलर ऑफ एजुकेशन (B.Ed) की डिग्री भी हासिल की है। कानून की डिग्री की बात करें तो उन्होंने कोलकाता के जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री (LLB) प्राप्त की है। इसके अलावा, जनवरी 2018 में कलकत्ता विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें मानद डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर (D.Litt) की उपाधि से भी सम्मानित किया गया था।

गौरतलब है कि बार काउंसिल के नियम कोर्ट में वकीलों के लिए एक पेशेवर आचरण और सख्त ड्रेस कोड तय करते हैं। BCI ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि ममता बनर्जी का ऐसा करना पूरी तरह गलत था या नहीं, लेकिन एक लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के कारण उनके वकालत के लाइसेंस की आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है।

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