हल्के में मत लो; कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर महुआ मोइत्रा की चेतावनी- परमाणु तबाही में...
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों से यह संदेश देने को कहा कि हम डरते नहीं है। प्रदर्शन का आह्वान करने वाले दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद वह जंतर-मंतर पहुंचे।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को मजबूत समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि इनकी ताकत को कम आंकना ठीक नहीं है। अभिजीत दीपके के एक पोस्ट का जवाब देते हुए महुआ मोइत्रा ने लिखा, 'और कैसे! कॉकरोच परमाणु विस्फोट में भी जीवित रहते हैं, उन्हें हल्के में न लें। आगे बढ़ते रहो अभिजीत दीपके।' उन्होंने अपनी पोस्ट में हैशटैग #cjpprotest का भी इस्तेमाल किया है।
महुआ मोइत्रा का यह बयान उस वीडियो के संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया गया था कि कॉकरोच कभी मैदान में नहीं उतरेंगे। लेकिन प्रदर्शनकारी भारी गर्मी में भी सड़कों पर उतरे, जिससे विपक्षी खेमे में उत्साह बढ़ा है। महुआ मोइत्रा का यह समर्थन सीजेपी आंदोलन को नया आयाम दे रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे एकजुटता की नई मिसाल मान रहे हैं। इस प्रदर्शन ने सोशल मीडिया पर चर्चा पैदा की है और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों की क्या है मांग
सैकड़ों प्रदर्शनकारी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सीजेपी के बैनर तले शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्र हुए। इस दौरान सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों से यह संदेश देने को कहा कि हम डरते नहीं है। प्रदर्शन का आह्वान करने वाले दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद वह जंतर-मंतर पहुंचे, जहां सुबह से ही लोग एकत्र होने लगे थे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर लिए प्रदर्शनकारी कॉकरोच के मुखौटे पहने नजर आए। ये मुखौटे प्रदर्शन स्थल पर बांटे जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इसके अलावा उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा से हिंदू-मुस्लिम की राजनीति बंद करने की मांग करते हुए भी नारेबाजी की और भारत माता की जय के नारे भी लगाए। दीपके ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे केवल देश, महात्मा गांधी और बीआर आंबेडकर के समर्थन में नारे लगाएं और सांप्रदायिक राजनीति का विरोध करें।




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