Madrasan Sumi in news amid workers protest in Noida know Who is owner and how much property नोएडा में मजदूरों के बवाल के बीच चर्चा में मदरसन सुमी, कौन है इसका मालिक; कितनी है संपत्ति?, India News in Hindi - Hindustan
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नोएडा में मजदूरों के बवाल के बीच चर्चा में मदरसन सुमी, कौन है इसका मालिक; कितनी है संपत्ति?

नोएडा प्रदर्शन की आंच मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड की इकाइयों तक भी पहुंची। हालांकि कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दिए गए बयान में स्पष्ट किया कि यह कोई एक कंपनी विशेष का मुद्दा नहीं है, बल्कि नोएडा और आसपास के कई शहरों के अनेक उद्योगों को प्रभावित करने वाला व्यापक श्रमिक मुद्दा है।

Tue, 14 April 2026 10:55 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नोएडा में मजदूरों के बवाल के बीच चर्चा में मदरसन सुमी, कौन है इसका मालिक; कितनी है संपत्ति?

उत्तर प्रदेश के नोएडा में ऑटो कंपोनेंट्स क्षेत्र के हजारों मजदूरों द्वारा वेतन बढ़ोतरी और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन ने सोमवार को हिंसक रूप ले लिया। फेज-2, सेक्टर-62 और सेक्टर-84 जैसे प्रमुख औद्योगिक इलाकों में मजदूरों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। कुछ स्थानों पर पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस ने भारी बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान बल प्रयोग भी किया गया, ताकि प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया जा सके।

इस प्रदर्शन की आंच मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड (मदरसन समूह) की इकाइयों तक भी पहुंची। हालांकि कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दिए गए बयान में स्पष्ट किया कि यह कोई एक कंपनी विशेष का मुद्दा नहीं है, बल्कि नोएडा और आसपास के कई शहरों के अनेक उद्योगों को प्रभावित करने वाला व्यापक श्रमिक मुद्दा है। कंपनी का कहना है कि वेतन संशोधन को लेकर गलत सूचनाओं और अफवाहों के कारण यह अशांति फैली है। मदरसन समूह ने जोर देकर कहा कि इसके उसके संचालन पर कोई भौतिक प्रभाव नहीं पड़ा है और उत्पादन सामान्य रूप से जारी है। कर्मचारियों की सुरक्षा कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मदरसन ग्रप: भारत की प्रमुख ग्लोबल ऑटो कंपोनेंट कंपनी

मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड ग्रुप देश की अग्रणी मल्टीनेशनल कंपनियों में शामिल है, जो मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स (वाहन पुर्जे) का निर्माण करती है। यह कंपनी बीएमडब्ल्यू, फोर्ड, मर्सिडीज-बेंज, टोयोटा, वोल्क्सवैगन और जनरल मोटर्स जैसी विश्व की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों को सप्लाई करती है। ग्रुप की सालाना राजस्व अरबों डॉलर में है और यह 41 देशों में फैला हुआ है। कंपनी में 1.30 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।

विवेक चांद सहगल की कहानी

इस प्रदर्शन के बीच कंपनी के चेयरमैन और सह-संस्थापक विवेक चांद सहगल की सफलता की कहानी एक बार फिर चर्चा में है। भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई अरबपति विवेक चांद सहगल ऑटो कंपोनेंट उद्योग की विश्वस्तरीय हस्ती माने जाते हैं। उनका जन्म 1 फरवरी 1957 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने राजस्थान के पिलानी स्थित बिरला पब्लिक स्कूल से स्कूली शिक्षा ली और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक किया। वे एक ज्वेलर्स परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

साल 1975 में मात्र 18 वर्ष की उम्र में विवेक चांद सहगल ने अपनी मां स्वर्गीय श्रीमती स्वरन लता सहगल के साथ मिलकर मदरसन ग्रुप की नींव रखी। शुरुआत बेहद साधारण थी। बताया जाता है कि कंपनी चांदी के व्यापार से जुड़ी थी और शुरुआती पूंजी महज 15 अमेरिकी डॉलर थी। कंपनी का नाम उनके पिता ने सुझाया था 'Mother-Son' से मिलकर 'Motherson' बना। चांदी के व्यापार में चुनौतियों का सामना करने के बाद कंपनी ने पिवट किया और 1983 में मारुति सुजुकी को सप्लाई शुरू कर ऑटो कंपोनेंट क्षेत्र में प्रवेश किया। 1986 में जापानी कंपनी सुमितोमो इलेक्ट्रिक के साथ महत्वपूर्ण जॉइंट वेंचर हुआ, जिससे मदरसन सुमी सिस्टम्स लिमिटेड (MSSL) का गठन हुआ। यह आज ग्रुप की प्रमुख कंपनी है, जो 1993 में शेयर बाजार में लिस्टेड हुई।

विवेक चांद सहगल 1975 से 1995 तक मैनेजिंग डायरेक्टर रहे और उसके बाद चेयरमैन बने। उनके नेतृत्व में कंपनी ने अभूतपूर्व विस्तार किया। उन्होंने 'Return on Capital Employed' (ROCE) को कंपनी संस्कृति का हिस्सा बनाया और कर्मचारियों को परिवार की तरह देखा। आज मदरसन ग्रुप ऑटोमोटिव के अलावा एयरोस्पेस, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में भी अग्रणी है।

कितनी है विवेक चांद सहगल की संपत्ति

फोर्ब्स के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 तक विवेक चांद सहगल और परिवार की रियल टाइम नेट वर्थ 6.5 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 61000 करोड़ रुपये से अधिक) है। वे दुनिया के अरबपतियों की सूची में शामिल हैं और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले सबसे अमीर भारतीय उद्यमी माने जाते हैं। उनके बेटे लक्ष वामन सहगल भी कंपनी के बोर्ड में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

मिले हैं कई पुरस्कार और सम्मान

ऑटोमोटिव उद्योग में उनके योगदान के लिए उन्हें कई पुरस्तार और सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें 2016 का EY एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड (इंडिया), 2024 का Automotive Hall of Fame में शामिल होना और हालिया Outstanding Contribution to Brand India Award शामिल हैं। विवेक चांद सहगल का मानना है कि कंपनी अभी भी बहुत कुछ हासिल नहीं कर चुकी है। वे लगातार सुधार, गुणवत्ता और कर्मचारी विकास पर जोर देते हैं और आगे भी देते रहेंगे।