LPG cylinder supply to stop if png connection available govt order 2026 3 महीने में करा लें PNG कनेक्शन, वरना घर नहीं आएगा LPG सिलेंडर; सरकार का सख्त आदेश, India News in Hindi - Hindustan
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3 महीने में करा लें PNG कनेक्शन, वरना घर नहीं आएगा LPG सिलेंडर; सरकार का सख्त आदेश

जिन इलाकों में पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां 3 महीने के भीतर कनेक्शन न लेने पर LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। जानिए पेट्रोलियम मंत्रालय की इस नई गाइडलाइन और नियमों से जुड़ी पूरी जानकारी।

Wed, 25 March 2026 02:38 PMAmit Kumar भाषा, नई दिल्ली
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3 महीने में करा लें PNG कनेक्शन, वरना घर नहीं आएगा LPG सिलेंडर; सरकार का सख्त आदेश

पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध होने पर भी इसकी सेवा नहीं लेने वाले उपभोक्ताओं की घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। सरकार ने आदेश जारी कर इसकी जानकारी दी है। यह कदम गैस नेटवर्क के विस्तार को तेज करने और एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित

पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण प्रमुख स्रोतों से आपूर्ति प्रभावित होने से भारत में एलपीजी की कमी की स्थिति के बीच सरकार घरेलू एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। पीएनजी अधिक सुविधाजनक विकल्प है और इसकी आपूर्ति घरेलू उत्पादन तथा विविध स्रोतों से की जाती है।

पीएनजी पाइपलाइन के माध्यम से रसोई गैस बर्नर तक लगातार पहुंचाई जाती है, जिससे सिलेंडर की बुकिंग की आवश्यकता नहीं रहती। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 'प्राकृतिक गैस तथा पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइपलाइन बिछाने, निर्माण, संचालन व विस्तार तथा अन्य सुविधाएं) आदेश, 2026' अधिसूचित किया है।

तीन महीने बाद एलपीजी की आपूर्ति बंद

इसका उद्देश्य पाइपलाइन अवसंरचना के विकास में तेजी लाना, मंजूरियों को आसान बनाना तथा एलपीजी से पीएनजी की ओर बदलाव को बढ़ावा देकर ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। इस 24 मार्च को जारी आदेश में कहा गया कि यदि पीएनजी उपलब्ध होने के बावजूद कोई परिवार इसे नहीं अपनाता है तो तीन महीने बाद एलपीजी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। हालांकि, जहां पाइप कनेक्शन देना तकनीकी रूप से संभव नहीं है, वहां अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के आधार पर एलपीजी आपूर्ति जारी रह सकेगी।

इस कदम का उद्देश्य पाइपलाइन सुविधा वाले क्षेत्रों से एलपीजी की आपूर्ति मुक्त कर उन क्षेत्रों में भेजना है जहां यह अवसंरचना उपलब्ध नहीं है। साथ ही वैश्विक आपूर्ति व्यवधान, खाड़ी क्षेत्र में द्रवीकरण संयंत्रों को नुकसान और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी अवरोध के बीच ईंधन विविधीकरण को बढ़ावा देना भी है।

इस आदेश पर टिप्पणी करते हुए तेल सचिव नीरज मित्तल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, 'व्यवसाय सुगमता सुधारों के माध्यम से संकट को अवसर में बदला गया है।' आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जारी यह आदेश पाइपलाइन अवसंरचना को तेजी से विकसित करने के लिए मंजूरियों को आसान बनाने, शुल्कों का मानकीकरण करने और समयबद्ध अनुमति सुनिश्चित करने का प्रावधान करता है।

तेजी से क्रियान्वयन के लिए सार्वजनिक प्राधिकरणों को निर्धारित समयसीमा के भीतर मार्ग-अधिकार (राइट ऑफ वे) या अन्य अनुमतियां देनी होंगी, अन्यथा उन्हें स्वीकृत माना जाएगा। इस आदेश में अधिकारियों को निर्दिष्ट शुल्कों से अधिक शुल्क लगाने से भी प्रतिबंधित किया गया है। आवासीय क्षेत्रों में प्रवेश नियंत्रित करने वाली इकाइयों को तीन कार्य दिवस के भीतर अनुमति देनी होगी और अंतिम चरण की पीएनजी संपर्क 48 घंटे के भीतर प्रदान की जाएगी। ऐसे क्षेत्रों में पाइपलाइन संपर्क के आवेदन को अस्वीकार नहीं किया जा सकेगा।

दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है

आदेश में भूमि पहुंच से जुड़े विवादों के समाधान के लिए नामित अधिकारियों को दीवानी अदालत जैसी शक्तियां देने का भी प्रावधान है, ताकि आवश्यक होने पर मार्ग-अधिकार प्रदान किया जा सके। अधिकृत इकाइयों को मंजूरी मिलने के चार महीने के भीतर पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू करना होगा, अन्यथा उन पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है जिसमें विशेष अधिकार समाप्त किया जाना भी शामिल है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) को इस आदेश के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह मंजूरियों, अस्वीकृतियों तथा अनुपालन की निगरानी करेगा। यदि किसी आवासीय परिसर में पीएनजी पाइपलाइन बिछाने के लिए प्रवेश नियंत्रित करने वाली इकाइयां मार्ग-अधिकार या उपयोग की अनुमति नहीं देती हैं, तो उन्हें नोटिस दिया जाएगा और तीन महीने बाद तेल विपणन कंपनियां एलपीजी की आपूर्ति बंद कर देंगी।

आदेश में कहा गया कि यदि अधिकृत इकाई द्वारा पाइपलाइन बिछाने के बाद भी परिवार पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं करता, तो '' ऐसे पते पर एलपीजी की आपूर्ति सूचना की तारीख से तीन महीने बाद बंद कर दी जाएगी।'' यदि अधिकृत इकाई यह प्रमाणित करती है कि किसी परिवार को तकनीकी कारणों से पीएनजी कनेक्शन देना संभव नहीं है, तो एलपीजी आपूर्ति बंद नहीं की जाएगी। अधिकृत इकाई को तकनीकी असंभवता के कारणों का रिकॉर्ड रखना होगा और जैसे ही पीएनजी उपलब्ध कराना संभव होगा, एनओसी वापस ले लिया जाएगा।