सच निकली पाठकों की भविष्यवाणी: बंगाल में BJP की जीत, 70% ने पहले ही कह दिया था
West Bengal Election Result: चुनाव परिणाम आने से पहले लाइव हिंदुस्तान ने अपने पाठकों से पश्चिम बंगाल में किसकी जीत का अनुमान पूछा था। इस सर्वे में 6849 पाठकों ने भाग लिया, जिनमें से 70 प्रतिशत यानी 4812 लोगों ने BJP की जीत का अनुमान लगाया था।

पश्चिम बंगाल में 15 वर्षों के तृणमूल कांग्रेस शासन का अंत हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करते हुए पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। यह पहली बार है जब BJP बंगाल में अपनी सरकार बनाने जा रही है। 294 सदस्यीय विधानसभा में BJP ने अब तक 131 सीटों पर जीत हासिल कर ली है और 77 सीटों पर बढ़त बनाए रखी है। इस लिहाज से पार्टी की कुल सीटें 208 तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस मात्र 48 सीटों पर जीती है और 31 सीटों पर बढ़त के साथ उसकी अधिकतम संख्या 79 तक ही सीमित रहने की संभावना है। कांग्रेस और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) ने दो-दो सीटें जीती हैं।
पाठकों का सर्वे भी सही साबित
चुनाव परिणाम आने से पहले लाइव हिंदुस्तान ने अपने पाठकों से पश्चिम बंगाल में किसकी जीत का अनुमान पूछा था। इस सर्वे में 6849 पाठकों ने भाग लिया, जिनमें से 70 प्रतिशत यानी 4812 लोगों ने BJP की जीत का अनुमान लगाया था। मात्र 27 प्रतिशत (1908) लोगों ने TMC की जीत और 125 लोगों ने हंग असेंबली की संभावना जताई थी। रिजल्ट सामने आने के बाद साफ हो गया है कि पाठकों की भविष्यवाणी सटीक साबित हुई, और बंगाल में बीजेपी सरकार बनाने जा रही है।

पिछले चुनावों से तुलना
वहीं, 2019 के लोकसभा चुनाव में TMC को 43.3 प्रतिशत वोटों के साथ 22 सीटें मिली थीं, जबकि BJP 40.25 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 18 सीटों पर पहुंची थी। 2021 के विधानसभा चुनाव में TMC ने 47.94 प्रतिशत वोटों के साथ 213 सीटें जीती थीं और BJP 38.13 प्रतिशत वोटों के साथ 77 सीटों पर सिमट गई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में TMC ने 46.16 प्रतिशत वोटों के साथ 29 सीटें हासिल कीं, जबकि BJP 39.08 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 12 सीटों पर रही। 2016 में मात्र 3 सीटों से शुरूआत, 2021 में 77 और 2026 में दो तिहाई बहुमत की ओर मजबूत कदम है।
ममता की घेराबंदी विफल
बता दें कि इस चुनाव में ममता बनर्जी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन सत्ता विरोधी लहर और विकास के मुद्दों के आगे उनकी रणनीति कामयाब नहीं हो सकी। कोलकाता से लेकर दूरदराज के गांवों तक भगवा लहर फैल गई और बंगाल की राजनीति में पहली बार कमल खिल गया। इतना ही नहीं, ममता सरकार के कई दिग्गज नेता और मंत्री इस बार चुनावी मैदान में हार का सामना करते नजर आए।




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