lalu prasad yadav gets summon from ed on land for job scam लालू को ED का समन, नौकरी के बदले जमीन घोटाले में पूछताछ; राबड़ी और तेजप्रताप को भी बुलाया, India News in Hindi - Hindustan
More

लालू को ED का समन, नौकरी के बदले जमीन घोटाले में पूछताछ; राबड़ी और तेजप्रताप को भी बुलाया

  • यह मामला 2004-09 के बीच का है, जब यूपीए सरकार में लालू यादव रेल मंत्री हुआ करते थे। अधिकारियों का कहना है कि लालू के अलावा उनके बेटे तेज प्रताप यादव और पत्नी राबड़ी देवी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। मंगलवार को परिवार के तीनों लोगों को एजेंसी ने तलब किया है।

Tue, 18 March 2025 09:26 AMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
लालू को ED का समन, नौकरी के बदले जमीन घोटाले में पूछताछ; राबड़ी और तेजप्रताप को भी बुलाया

राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव को ईडी ने समन जारी किया है। एजेंसी ने यह समन नौकरी के बदले जमीन घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए भेजा है। इस मामले की जांच शुरुआत में सीबीआई ने ही थी, लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग का भी ऐंगल जुड़ा होने से ईडी की भी इस केस में एंट्री हुई। यह मामला 2004-09 के बीच का है, जब यूपीए सरकार में लालू यादव रेल मंत्री हुआ करते थे। अधिकारियों का कहना है कि लालू के अलावा उनके बेटे तेज प्रताप यादव और पत्नी राबड़ी देवी को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

मंगलवार को परिवार के तीनों लोगों को एजेंसी ने तलब किया है। आरोप है कि नौकरी के बदले जमीन घोटाले के तहत रेलवे की ग्रुप डी की नौकरियां देने के बदले जमीनें लिखवा ली गईं। इसके लिए भर्ती के नियमों का भी खुला उल्लंघन हुआ। आरोप है कि भर्ती में शामिल लोगों या फिर उनके परिवार जनों ने जमीनों को औने-पौने दामों पर बेच डाला। इन जमीनों को मार्केट रेट से एक चौथाई तक के भाव पर ही लालू यादव के करीबियों और उनके परिवार के लोगों ने अपने नाम करा लिया। इस मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी और उसी के आधार पर ईडी ने भी इस मामले की जांच संभाली है।

इस मामले में दोनों ही एजेंसियों की ओर से कई चाजर्शीट दाखिल हो चुकी हैं। लालू यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी भी एजेंसियों को मिल चुकी है। ईडी ने अगस्त 2024 में एक चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें उसका कहना था कि लालू यादव के करीबी अमित कात्याल ने एके इन्फोसिस्टम्स नाम की कंपनी बनाई थी। इस कंपनी के नाम पर ही पटना में कई जमीनें लिखवाई गई थीं। इन जमीनों को कंपनी के नाम पर लिखवाने के बाद अमित कात्याल ने कंपनी की 100 फीसदी शेयरहोल्डिंग लालू परिवार को सौंप दी। इसमें 85 फीसदी हिस्सेदारी राबड़ी देवी के नाम पर दिखाई गई, जबकि 15 पर्सेंट तेजस्वी यादव को मिली।

दिल्ली में खरीदा गया 150 करोड़ का बंगला, ईडी ने चार्जशीट में बताया

ईडी ने कहा था, 'एके इन्फोसिस्टम्स के पास जो संपत्ति मौजूद थी। उसका सरकारी भाव 1.89 करोड़ रुपये था। इसके बाद भी उसकी सारी शेयरहोल्डिंग महज 1 लाख रुपये में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को ट्रांसफर कर दी गई। यदि मार्केट वैल्यू निकाली जाए तो एजेंसी के पास मौजूद संपत्ति की वास्तविक कीमत 63 करोड़ रुपये के करीब थी।' एक और कंपनी का खुलासा ईडी की जांच में हुआ। उस कंपनी का नाम एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड है। ईडी के अनुसार इस कंपनी में 98.25 पर्सेंट की हिस्सेदारी तेजस्वी की है, जबकि 1.75 फीसदी की हिस्सेदार उनकी बहन चंदा यादव हैं। इसी कंपनी के नाम पर 5 करोड़ रुपये की कीमत दिखाकर दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में बंगला खरीदा गया था। ईडी का कहना है कि इस बंगले की वास्तविक कीमत तो 150 करोड़ रुपये के करीब है।