केरल में विभागों का बंटवारा: सतीशान को वित्त तो चेन्निथला को गृह; जानें किसे क्या मिली जिम्मेदारी
केरल सरकार ने मंत्रिमंडल में विभागों का आवंटन कर दिया है। केरल लोक भवन द्वारा मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री सतीशान ने कई महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार अपने हाथ में रखा है।

केरल सरकार ने मंत्रिमंडल में विभागों का आवंटन कर दिया है। केरल लोक भवन द्वारा मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री सतीशान ने कई महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार अपने हाथ में रखा है। इनमें वित्त, कानून, सामान्य प्रशासन और बंदरगाह शामिल हैं। साथ ही वे अन्य प्रमुख प्रशासनिक और नीति संबंधी विभागों की भी देखरेख करेंगे।
लोक भवन के अनुसार, सतीशन वित्त, कानून, सामान्य प्रशासन और बंदरगाह सहित 35 विभागों का कार्यभार संभालेंगे, जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला को गृह, सतर्कता और तीन अन्य विभागों की जिम्मेदारी सोंपी गई है। इसने कहा कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता पी के कुन्हालीकुट्टी उद्योग और वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप, खनन एवं भूविज्ञान और हथकरघा एवं वस्त्र विभाग की देखरेख करेंगे।
लोक भवन ने बताया कि केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रमुख सनी जोसेफ को बिजली, पर्यावरण और संसदीय मामलों का प्रभार दिया गया है, जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन स्वास्थ्य, देवस्वोम, खाद्य सुरक्षा और चिकित्सा शिक्षा सहित सात विभागों का नेतृत्व करेंगे। इनके अलावा, रोजी एम. जॉन उच्च शिक्षा विभाग संभालेंगे, ए पी अनिल कुमार भूमि और राजस्व विभाग के प्रमुख होंगे तथा एन. शम्सुद्दीन सामान्य शिक्षा मंत्री होंगे।
लोक भवन ने बताया कि रेवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के विधायक शिबू बेबी जॉन को वन एवं वन्यजीव संरक्षण और कौशल विकास विभाग सौंपा गया है, जबकि केरल कांग्रेस (जोसेफ) के विधायक मोन जोसेफ सिंचाई, भूजल, जल आपूर्ति, स्वच्छता एवं आवास विभागों के प्रमुख होंगे।
धर्मनिरपेक्ष रुख पर कोई समझौता नहीं होगा
बता दें कि विभाग बंटवारे से पहले सतीशन कैबिनेट की बैठक हुई। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सतीशन ने कहा कि उनके और यूडीएफ द्वारा अपनाए गये धर्मनिरपेक्ष रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद मजबूत धर्मनिरपेक्ष रुख है। जो भी सांप्रदायिकता की भाषा बोलेगा, उसका कड़ा विरोध किया जाएगा। यह यूडीएफ का दृढ़ धर्मनिरपेक्ष रुख है। इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता।' मुख्यमंत्री पदभार ग्रहण करने से पहले और बाद में यहां ईसाई बिशप के घरों की अपनी हालिया यात्राओं के संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने पूछा कि बिशप के घरों का दौरा करने में क्या गलत है? सतीशन ने कहा कि वह चुनाव जीतने के बाद वहां गए थे, किसी प्रकार का लाभ उठाने के इरादे से नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने लैटिन बिशप हाउस का दौरा आर्चबिशप थॉमस जे नेटो के साथ अपने घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंधों के कारण किया। उन्होंने कहा कि मैंने कार्डिनल क्लीमिस से भी मुलाकात की। मैं शिवगिरि मठ जाने की भी योजना बना रहा हूं। उन्होंने कहा कि मठ के भिक्षु कुछ दिन पहले मुझे आशीर्वाद देने आए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका इरादा सभी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने का है, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने उनकी आलोचना की है।
उन्होंने कहा कि मैं उन लोगों से भी मिलूंगा जिन्होंने मेरे खिलाफ बोला था। इस पद पर रहते हुए, सबको एकजुट करने की जिम्मेदारी होती है। सभी के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष रुख पर कोई समझौता नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने अभिनेत्री रिनी ऐन जॉर्ज के बारे में भी सवालों का जवाब दिया जिन्होंने पलक्कड़ के पूर्व विधायक राहुल ममकुटाथिल पर आरोप लगाए थे।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक वर्ग द्वारा जॉर्ज के प्रति नाराजगी जताई गई थी। अभिनेत्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साइबर हमलों का भी सामना कर रही हैं। सतीशन ने कहा कि सोशल मीडिया तेजी से एक ऐसा मंच बनता जा रहा है जहां महिलाओं को अपमानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा अपमान महिला पत्रकारों को झेलना पड़ता है और सोशल मीडिया महिलाओं को अपमानित करने का अड्डा बन गया है।
उन्होंने कहा कि हमारा रुख किसी का अपमान नहीं करने का है। और यह हमेशा से हमारा रुख रहा है। किसी भी महिला को अपमानित नहीं किया जाना चाहिए। यह मेरी विनम्र विनती है। सभी को यह भी देखना चाहिए कि ऐसे हमले कहां से हो रहे हैं।




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