क्या गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित करने जा रही मोदी सरकार? मंत्री ने संसद में बताई सच्चाई
मोदी सरकार ने संसद में स्पष्ट कर दिया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की कोई योजना नहीं है। बाघ ही भारत का राष्ट्रीय पशु बना रहेगा। हालांकि, सरकार गायों के संरक्षण और डेयरी उद्योग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में यह दावा किया गया कि मोदी सरकार गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित करने की तैयारी कर रही है। बता दें कि वर्तमान में, बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु है, जिसे 1972 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत संरक्षण के लिए चुना गया था। गाय को लेकर समय-समय पर यह मांग उठती रही है कि इसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाए, क्योंकि यह हिंदू धर्म में पवित्र मानी जाती है और भारतीय संस्कृति में इसका विशेष स्थान है। कुछ संगठन और राजनेता इस मांग को जोर-शोर से उठाते रहे हैं, जिसके चलते यह मुद्दा बार-बार चर्चा में आता है।
हालांकि, संसद में इस मुद्दे पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब दिया गया है, जिसने इन अटकलों पर विराम लगा दिया। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल ने मंगलवार को संसद को बताया कि केंद्र सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने वाला कोई कानून बनाने की योजना नहीं बना रही है।
लोकसभा में भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इससे जुड़ा सवाल पूछा था। प्रश्न के लिखित जवाब में केंद्रीय मंत्री बघेल ने कहा, "नहीं, महोदय। ऐसी कोई योजना नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 246(3) के अनुसार, संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के वितरण के तहत, पशुओं का संरक्षण एक ऐसा मामला है जिस पर राज्य विधानमंडल को कानून बनाने की विशेष शक्तियां प्राप्त हैं।"
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार गायों के संवर्धन, संरक्षण और पालन-पोषण के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा की गई पहलों को समर्थन और सुदृढ़ करने हेतु दिसंबर 2014 से राष्ट्रीय गोकुल मिशन लागू करती आ रही है। दूध उत्पादन के संबंध में, बघेल ने सदन को सूचित किया कि 2024 में देश के कुल 239.30 मिलियन टन दूध उत्पादन में गाय के दूध का योगदान 53.12 प्रतिशत रहा, जबकि भैंस के दूध का योगदान 43.62 प्रतिशत रहा।




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