Is a poor country like ours can invest in the US Congress leader Udit Raj on the trade deal हमारे जैसा गरीब देश US में इन्वेस्ट करने लायक है क्या, ट्रेड डील पर बोले कांग्रेस नेता, India News in Hindi - Hindustan
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हमारे जैसा गरीब देश US में इन्वेस्ट करने लायक है क्या, ट्रेड डील पर बोले कांग्रेस नेता

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का जोरदार तरीके से बचाव करते हुए भारतीय किसानों पर इसके असर को लेकर विपक्ष की चिंताओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि डील से किसानों को फायदा होगा।

Fri, 6 Feb 2026 10:52 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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हमारे जैसा गरीब देश US में इन्वेस्ट करने लायक है क्या, ट्रेड डील पर बोले कांग्रेस नेता

भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। अब कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा है कि हमारी नीतियों को अमेरिका तय कर रहा है। साथ ही सवाल किया है कि हमारे जैसा गरीब देश अमेरिका में कैसे निवेश करेगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि समझौते में किसानों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है।

शुक्रवार को उदित राज ने कहा, 'देश के साथ झूठ बोला जा रहा है कि पहले तीन फीसदी हुआ करता था। जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने थे, तब भी 3 फीसदी ड्यूटी देनी पड़ती थी भारत के एक्सपोर्ट पर। फिर इसको बढ़ा दिया 25 फीसदी, 25 फीसदी से घटा दिया। तो वाहवाही अपनी लूट रहे हैं...। 500 बिलियन डॉलर का मतलब होता है कि भारत के एक साल के लगभग बजट के बराबर रकम। हमारा जैसा गरीब देश, वो अमेरिका में इन्वेस्ट करने लायक है?'

उन्होंने कहा, 'यहां वैसे ही बर्बादी हो रही है, बेरोजगारी हो रही है, महंगाई हो रही है। दूसरा हमारे किसानों का क्या होगा। जवाब दें। काफी दिनों से अमेरिका हमारी नीतियां तय कर रहा है। भारत पाकिस्तान युद्ध उसने रुकवाया, रूस से तेल नहीं खरीदना, चाबहार को छोड़ना पड़ा, अमेरिका ने कहा। ईरान से तेल नहीं खरीदना होगा, ये अमेरिका ने डिक्टेट किया। अब डिक्टेट कर रहा है कि वेनेजुएला से तेल खरीदना होगा। ऐसी स्थिति है हमारी।'

सरकार ने क्या कहा

चौहान ने गुरुवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का जोरदार तरीके से बचाव करते हुए भारतीय किसानों पर इसके असर को लेकर विपक्ष की चिंताओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस और विपक्ष निराश हैं, मानसिक रूप से परेशान हैं। वे मैदान में मुकाबला नहीं कर सकते। एक के बाद एक हार ने उन्हें निराशा, हताशा और आक्रोश से भर दिया है।' उन्होंने कहा कि वे 'झूठ की मशीन, अफवाहों का बाजार' बन गए हैं।

पीटीआई भाषा के अनुसार, इस चिंता को दूर करते हुए कि खेती में लगे 50 प्रतिशत से अधिक भारतीय अमेरिकी आयात में वृद्धि से प्रभावित हो सकते हैं, चौहान ने जोर देकर कहा, 'बड़ी मात्रा में सामान आना शुरू नहीं होगा। जैसा कि मैंने पहले कहा, हमारी सभी मुख्य फसलें सुरक्षित हैं। कोई बाजार नहीं खोला गया है। चाहे वह मुख्य अनाज हो, प्रमुख फल हों, या डेयरी उत्पाद हों, सब कुछ सुरक्षित है।'

किसानों को होगा फायदा, भाजपा का दावा

चौहान ने तर्क दिया कि यह समझौता वास्तव में कम शुल्क के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा देकर भारतीय किसानों को फायदा पहुंचाएगा। उन्होंने अमेरिका को 63,000 करोड़ रुपये के चावल निर्यात का हवाला दिया और कहा कि कम शुल्क से चावल, मसालों और वस्त्रों का निर्यात बढ़ेगा, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से कपास किसानों को फायदा होगा।