तेल-गैस के बाद शादियों पर भी ईरान संकट का असर, दूल्हे गल्फ देशों में फंसे; प्लान B की तैयारी
पश्चिम एशिया में जारी संकट ने तेल और गैस के अलावा भारत में शादियों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। खाड़ी देशों में युद्ध की वजह से फ्लाइट्स लगातार रद्द हो रही हैं, और किराया बहुत ज्यादा महंगा हो गया है, ऐसी स्थिति में कई दूल्हे वहीं पर फंसे हुए हैं।

iran israel war: पश्चिम एशिया के युद्ध का असर पूरी दुनिया पर हो रहा है। लगभग सभी देश ऊर्जा संकट के मुहाने पर हैं। लेकिन बिहार के कई परिवारों के लिए यह संकट थोड़ा निजी हो गया है। यहां पर कई गांव ऐसे हैं, जहां से बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों में काम करने के लिए जाते हैं। अब, जबकि वहां पर युद्ध शुरू हो चुका है, तो यह लोग भी वहां फंस गए हैं। घर में सेहरा तैयार है, बाराती तैयार हैं, निमंत्रण कार्ड बांटे जा चुके हैं। कारें, बसें, होटल और कैटरिंग सब कुछ बुक हो चुका है। बस दूल्हा वहां दूसरे देश में फंसा हुआ है।
बिहार के ऐसे ही एक युवा हैं मिनहाज, जो कुवैत में काम करते हैं। वह भी इस समय होर्मुज स्ट्रेट पर फंसे हुए हैं। जल्दी ही उनकी शादी होने वाली थी, लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि उनका लौटना आसान नजर नहीं आ रहा है। जैसे-जैसे शादी का समय नजदीक आता जा रहा है, परिवार वालों के माथे पर चिंता की लकीरें उभरती जा रही हैं। मिनहाज के पिता रफी खान कहते हैं, “मैंने लड़की वालों और गांव के लोगों से माफी मांग ली है और उनसे अनुरोध किया है कि खाड़ी क्षेत्र की स्थिति सामान्य होने के बाद शादी के लिए नई तारीख तय करें।”
दर्जनों परिवार परेशान
ऐसी ही एक कहानी बिहार के गया जिले के शेरघाटी की है। यहां के खंडैल गांव के सैंकड़ों लोग खाड़ी देशों में नौकरी करने के लिए जाते हैं। यह नौकरियां इस गांव के लिए वरदान साबित भी हुई है। लोगों की जीवनशैली बेहतर हुई है। लेकिन अब यही नौकरी संकट की वजह भी बन गई है। इस गांव के दर्जनों परिवारों ने अपने बेटों की शादियां तय कर रखी हैं, लेकिन दूल्हे विदेश में फंसे हुए हैं। खांडेल के आसपास के गांवों जैसे इमलिथान, जयपुर, रतनपुर और पंडौल के हाल भी यही हैं।
दो बार कैंसिल हुए दूल्हे का टिकट
इसके अलावा बिहार के ही निवासी जलील शाह ने भी अपने बेटे की शादी 30 मार्च को जहानाबाद के एरकी गांव में तय कर रखी है। उन्होंने बताया कि कार्ड बांटे जा चुके हैं, लेकिन बेटा कतर में फंसा हुआ है। 26 मार्च तक दो बार फ्लाइट के टिकट बुक कर चुका है, लेकिन बार-बार यह रद्द हो रही है।उन्होंने कहा, “सारी तैयारियां पूरी हैं। अगर बेटा आ गया तो बारात निकलेगी, नहीं तो उम्मीद पर टिके हैं।” शादी की तैयारियों के बीच एलपीजी सिलेंडर की कमी भी है। इसलिए रसोइए को लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को कहा गया है। जरूरत पड़ी तो होटल बुकिंग भी छोड़ सकते हैं।
ऑनलाइन निकाह की तैयारी
बिहार की धरती से हजारों किलोमीटर दूर हो रहे इस युद्ध का असर यहां पर कई दर्जन परिवारों के ऊपर पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में गांव के ही जावेद खान ने बताया कि कई परिवार अब प्लान बी पर काम कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में अगर दूल्हा समय पर घर नहीं पहुंच पाया, तो निकाह ऑनलाइन भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “मेरे अपने परिवार में दो शादियां हैं। एक दूल्हा बहरीन में है और दूसरा कतर में। दोनों अभी तक नहीं आ पाए हैं। ऐसे में ऑनलाइन निकाह की तरफ देख रहे हैं।”
आपको बता दें, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद यह युद्ध शुरू हुआ था। ईरान ने पलटवार करते हुए खाड़ी क्षेत्र के तमाम देशों के ऊपर हमला बोल दिया था। दुबई इंटरनेशनल से लेकर गल्फ देशों के तमाम एयरपोर्ट्स को निशाना बनाया गया। ऐसे में पूरा हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया। हालांकि, अब इन लोगों के वापस भारत आने की उम्मीद बनी है क्योंकि ट्रंप ने 5 दिनों तक हमला रोकने और ईरान के साथ बातचीत करने की बात कही है। हालांकि, वैश्विक राजनीति की स्थिति कुछ ऐसी बनी हुई है, कि जब तक लोग घर न आ जाए, तब तक कुछ भी कहना मुश्किल है।




साइन इन