Indian government lodged strong protest against China creation of two new counties लद्दाख में चीन बना रहा 2 नई काउंटी, भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध; सरकार ने संसद में क्या बताया, India News in Hindi - Hindustan
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लद्दाख में चीन बना रहा 2 नई काउंटी, भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध; सरकार ने संसद में क्या बताया

  • मंत्रालय से पूछा गया था कि क्या सरकार को लद्दाख में होटन प्रांत में चीन की ओर से 2 नयी काउंटी बनाने के बारे में जानकारी है? अगर हां तो सरकार ने इस मुद्दे को हल करने के लिए क्या रणनीतिक और कूटनीतिक उपाय किए हैं।

Sat, 22 March 2025 12:33 AMNiteesh Kumar भाषा
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लद्दाख में चीन बना रहा 2 नई काउंटी, भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध; सरकार ने संसद में क्या बताया

सरकार ने शुक्रवार को संसद में बताया कि भारत को चीन की ओर से 2 नई काउंटी बनाए जाने की जानकारी है, जिनके कुछ हिस्से लद्दाख में आते हैं। नई दिल्ली ने राजनयिक माध्यमों से कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘भारत सरकार ने उक्त क्षेत्र में भारतीय भूभाग पर चीन के अवैध कब्जे को कभी स्वीकार नहीं किया है। नई काउंटी बनाए जाने से न तो इस क्षेत्र पर भारत की संप्रभुता के संबंध में हमारे दीर्घकालिक रुख पर कोई असर पड़ेगा और न ही इससे चीन के अवैध और जबरन कब्जे को वैधता मिलेगी।’

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कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि सरकार ने राजनयिक माध्यमों से इन घटनाक्रमों पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मंत्रालय से पूछा गया था कि क्या सरकार को लद्दाख में भारतीय क्षेत्र को शामिल करते हुए होटन प्रांत में चीन की ओर से 2 नयी काउंटी बनाने के बारे में जानकारी है? अगर हां तो सरकार ने इस मुद्दे को हल करने के लिए क्या रणनीतिक और कूटनीतिक उपाय किए हैं। सिंह ने कहा, ‘भारत सरकार चीन के होटन प्रांत में 2 नई काउंटी की स्थापना से संबंधित चीन की घोषणा से अवगत है। इन तथाकथित काउंटी के अधिकार क्षेत्र के कुछ हिस्से भारत के केंद्र-शासित प्रदेश लद्दाख में आते हैं।’

सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास

विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार इस बात से भी अवगत है कि चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार पर सावधानीपूर्वक और विशेष ध्यान दे रही है, ताकि इन क्षेत्रों के आर्थिक विकास को गति दी जा सके। साथ ही भारत की सामरिक और सुरक्षा आवश्यकताओं को भी पूरा किया जा सके।’ दूसरी ओर, विदेश मंत्रालय ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा इस साल फिर से शुरू करने पर सहमति बन गई है, लेकिन इसके तौर-तरीकों को अब भी तय किया जाना बाकी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस तीर्थयात्रा के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की। उन्होंने पिछले साल अक्टूबर में पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की बैठक के बाद भारतीय और चीनी पक्ष के बीच विभिन्न स्तरों पर हुए रचनात्मक संवाद का भी जिक्र किया।