Indian Air Force sukhoi su 30mki fighter jet crash in assam karbi anglong भारतीय वायुसेना का ताकतवर विमान Su-30 क्रैश, जोरहाट से भरी थी उड़ान, फिर रडार से हो गया गायब, India News in Hindi - Hindustan
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भारतीय वायुसेना का ताकतवर विमान Su-30 क्रैश, जोरहाट से भरी थी उड़ान, फिर रडार से हो गया गायब

असम के कार्बी आंगलोंग में भारतीय वायुसेना का सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। जोरहाट से उड़ान भरने के बाद रडार से संपर्क टूट गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। पढ़ें पूरी खबर।

Fri, 6 March 2026 06:39 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, जोरहाट
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भारतीय वायुसेना का ताकतवर विमान Su-30 क्रैश, जोरहाट से भरी थी उड़ान, फिर रडार से हो गया गायब

भारतीय वायुसेना (IAF) का एक सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान गुरुवार रात असम के कार्बी आंगलोंग जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। यह विमान एक नियमित प्रशिक्षण मिशन (ट्रेनिंग मिशन) पर था। वायुसेना के अनुसार, विमान ने असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी और शाम करीब 7:42 बजे इसका रडार और ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया था।

भारतीय वायुसेना द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह विमान जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग इलाके में दुर्घटना का शिकार हुआ है। वायुसेना ने अपने शुरुआती बयान में कहा था कि विमान तय समय पर वापस नहीं लौटा है। घटना का संज्ञान लेते हुए तुरंत 'सर्च एंड रेस्क्यू मिशन' यानी खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है और फिलहाल इलाके में युद्धस्तर पर तलाश जारी है। विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार है।

सुखोई Su-30MKI- भारतीय वायुसेना की रीढ़

सुखोई Su-30MKI सिर्फ एक लड़ाकू विमान नहीं है, बल्कि पिछले दो दशकों से यह भारतीय वायुसेना की रीढ़ और भारत की हवाई ताकत का सबसे बड़ा प्रतीक बना हुआ है। 'सुखोई' के बिना आधुनिक भारतीय वायुसेना की कल्पना भी नहीं की जा सकती। 90 के दशक के मध्य में भारतीय वायुसेना को एक ऐसे भारी और लंबी दूरी के लड़ाकू विमान की तलाश थी, जो 'एयर सुपीरियरिटी' (हवाई वर्चस्व) स्थापित कर सके।

30 नवंबर 1996 को भारत ने रूस के साथ 50 सुखोई-30 विमानों की खरीद के लिए 1.46 अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए। भारत केवल साधारण सुखोई नहीं चाहता था, बल्कि उसे अपनी जरूरतों के हिसाब से एक उन्नत विमान चाहिए था। यहीं से 'Su-30MKI' का जन्म हुआ। 'MKI' का रूसी भाषा में मतलब है- डर्निजिरोवन्नी कोमर्स्चेस्की इंडिस्की यानी 'आधुनिक व्यावसायिक भारतीय' संस्करण।

यह एक ट्विन-सीटर (दो सीटों वाला) उन्नत लड़ाकू विमान है। इसे मूल रूप से रूसी विमान निर्माता कंपनी 'सुखोई' द्वारा विकसित किया गया है। वर्तमान में, भारतीय वायुसेना के बेड़े में 200 से अधिक Su-30MKI लड़ाकू विमान शामिल हैं। सुखोई Su-30MKI दुनिया का एकमात्र ऐसा लड़ाकू विमान है जो सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल 'ब्रह्मोस' को हवा से दाग सकता है। इसके लिए HAL ने विमान के ढांचे में विशेष बदलाव किए थे।

हाल के वर्षों में सुखोई को भारत की स्वदेशी 'अस्त्र' बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) एयर-टू-एयर मिसाइल से भी लैस किया गया है, जिसने इसे हवा से हवा में मार करने में और भी खतरनाक बना दिया है। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास लगभग 260-270 Su-30MKI विमानों का बेड़ा है, जो चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर विभिन्न एयरबेस पर तैनात हैं। भारत अब अपने सुखोई बेड़े को 'सुपर सुखोई' मानक पर अपग्रेड करने के एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इसके तहत विमानों में स्वदेशी 'उत्तम' AESA रडार, नए इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट और आधुनिक हथियार नियंत्रण प्रणालियां लगाई जाएंगी, ताकि ये आने वाले दशकों तक प्रासंगिक बने रहें।