India Strongly Reacted to Zohran Mamdani who wrote letter to Umar Khalid Says Focus on Responsibilities उमर खालिद को पत्र लिखना ममदानी को पड़ा भारी, भारत बोला- अपनी जिम्मेदारी पर ध्यान दो, India News in Hindi - Hindustan
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उमर खालिद को पत्र लिखना ममदानी को पड़ा भारी, भारत बोला- अपनी जिम्मेदारी पर ध्यान दो

जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को पत्र लिखा था। इस पर भारत ने कड़ा विरोध जताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यक्तिगत पूर्वाग्रह व्यक्त करना पद पर आसीन लोगों को शोभा नहीं देता। उनके लिए यह बेहतर होगा कि वे अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करें।

Fri, 9 Jan 2026 07:58 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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उमर खालिद को पत्र लिखना ममदानी को पड़ा भारी, भारत बोला- अपनी जिम्मेदारी पर ध्यान दो

भारतीय विदेश मंत्रालय ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के तिहाड़ जेल में बंद भारतीय छात्र उमर खालिद के लिए दुख जताते हुए लिखे गए पत्र पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्हें इन बातों के बजाय मेयर के रूप में अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक ब्रीफिंग में इस संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, "हम अपेक्षा करते हैं कि जन प्रतिनिधि अन्य लोकतंत्रों में न्यायपालिका की स्वतंत्रता का सम्मान करें। व्यक्तिगत पूर्वाग्रह व्यक्त करना पद पर आसीन लोगों को शोभा नहीं देता। ऐसी टिप्पणियों के बजाय, उनके लिए यह बेहतर होगा कि वे अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करें।"

ममदानी ने पूर्व जेएनयू छात्र और कार्यकर्ता उमर खालिद को एक व्यक्तिगत पत्र लिखा था। उमर खालिद 2020 से गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। ममदानी ने लिखा, "मैं अक्सर आपकी कड़वाहट पर कही गई बातों के बारे में सोचता हूं और इस बात के महत्व पर कि उसे स्वयं पर हावी न होने दिया जाए। आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सभी आपके बारे में सोच रहे हैं।"

ममदानी न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम और भारतीय मूल के पहले मेयर हैं, जो अमेरिका का सबसे बड़ा शहर है। उनकी मां प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मीरा नायर हैं। रिपोर्टों के अनुसार ममदानी ने गत दिसंबर में न्यूयॉर्क में उमर खालिद के माता-पिता सैयद कासिम रसूल इलियास और साहिबा खानम से मुलाकात की थी। ममदानी का हस्तलिखित पत्र ऐसे समय सामने आया जब अमेरिका के आठ डेमोक्रेटिक सांसदों ने भारत के राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर उमर खालिद को ज़मानत दिए जाने और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप निष्पक्ष एवं समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित करने की अपील की थी।