India Russia deal on the way for S 400 air defence systems major role in Op Sindoor मिडिल ईस्ट में संग्राम के बीच भारत मजबूत करेगा एयर डिफेंस सिस्टम, रूस से डील, India News in Hindi - Hindustan
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मिडिल ईस्ट में संग्राम के बीच भारत मजबूत करेगा एयर डिफेंस सिस्टम, रूस से डील

मिडिल ईस्ट में युद्ध की तबाही के बीच भारत अपने एयर डिफेंस सिस्टम को और मजबूत करने में जुटा हुआ है। इसके तहत भारत रूस से पांच नए एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम्स खरीदने की तैयारी में है।

Wed, 4 March 2026 09:17 AMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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मिडिल ईस्ट में संग्राम के बीच भारत मजबूत करेगा एयर डिफेंस सिस्टम, रूस से डील

मिडिल ईस्ट में युद्ध की तबाही के बीच भारत अपने एयर डिफेंस सिस्टम को और मजबूत करने में जुटा हुआ है। इसके तहत भारत रूस से पांच नए एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम्स खरीदने की तैयारी में है। रक्षा खरीद बोर्ड ने सोमवार को इसके लिए प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में बोर्ड ने आईएएफ का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। यह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद के पास आवश्यकता की स्वीकृति के लिए जाएगा। बता दें कि एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेहद अहम भूमिका निभाई थी। इसकी बदौलत भारत ने पाकिस्तान के कई विमानों को इंटरसेप्ट करने और उन्हें मार गिराने में कामयाबी हासिल की थी।

अभी भारत के पास कितने एस-400
भारत के पास फिलहाल तीन एस-400 सिस्टम है। इस साल के अंत तक दो अन्य सिस्टम भी जुड़ सकते हैं। एस-400 सिस्टम्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार प्रदर्शन किया। इसने यह सुनिश्चित किया कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमान, हवाई चेतावनी विमान और इलेक्ट्रॉनिक खुफिया विमान आसमान में उड़ान न भरने पाएं। गौरतलब है कि 10 मई 2025 की सुबह, एक भारतीय ब्रह्मोस हमले ने पाकिस्तान वायु सेना (पीएएफ) के चकलाला एयरबेस, रावलपिंडी में उत्तरी कमांड और कंट्रोल नेटवर्क को नष्ट कर दिया। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने शांति की मांग की।

ऐसे होगी डील
केवल डीएसी द्वारा स्वीकृति के बाद ही लागत वार्ता समिति का गठन किया जाएगा ताकि नए अधिग्रहण की कीमत निर्धारित की जा सके। इसके बाद ही मामला अंततः वित्त मंत्रालय के माध्यम से कैबिनेट समिति ऑन सिक्योरिटी के पास जाएगा, जो इसे अंतिम स्वीकृति प्रदान करेगा। हालांकि एस-400 की खरीद की प्रक्रियाओं पर बातचीत होनी है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक सभी पांच एस-400 सिस्टम सीधे खरीदे जाएंगे। वहीं, रख-रखाव, मरम्मत और ओवरहॉल की जिम्मेदारी भारतीय निजी क्षेत्र की कंपनियों के हाथ में रहेगी।

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अन्य प्रस्ताव का भी इंतजार
रक्षा मंत्रालय अब भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना के उस प्रस्ताव का इंतजार कर रहा है जिसमें 13 रूसी पैंटसिर S-1 स्व-चालित मिसाइल सिस्टम खरीदने की बात की गई है। मामले से परिचित जानकारों के मुताबिक यह मध्यम दूरी की सतह से हवा में जाने वाली मिसाइलों, छोटी दूरी के रॉकेटों और कैमिकेज ड्रोन का मुकाबला करते हैं। वहीं, 10 पैंटसिर सिस्टम भारतीय वायु सेना द्वारा खरीदे जाएंगे ताकि भारतीय सशस्त्र बलों के 10 S-400 सिस्टम की रक्षा की जा सके। तीन सिस्टम सेना द्वारा सीमा पर क्रूज मिसाइलों, हमले हेलीकॉप्टरों, लॉइटरिंग एम्यूनिशन, सशस्त्र ड्रोन, रॉकेट और छोटी दूरी की मिसाइलों से निपटने के लिए खरीदे जाएंगे।

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