हमें कोई चिंता नहीं, हमारे पास बहुत विकल्प; रूस से तेल खरीदने पर ट्रंप की टैरिफ धमकियों पर भारत
ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 परसेंट टैरिफ लगाया जाएगा। वहीं बीते दिनों NATO चीफ ने भी इस तरह की बातें कही थीं। इस पर भारत की प्रतिक्रिया सामने आई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों रूस के प्रमुख तेल खरीदारों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी है। अब इस मामले पर भारत का रिएक्शन सामने आया है। भारत ने रूस से कच्चे तेल की आपूर्ति पर अमेरिकी प्रतिबंध लगने की आशंका को ज्यादा महत्व न देते हुए कहा है कि भारत के पास उसकी जरूरतों को पूरा करने के कई विकल्प हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को इस पर बातचीत करते हुए कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक देश है और रूस से तेल की आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा से निपटने के लिए तैयार है।
पुरी ने रूस पर संभावित अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, ‘‘मेरे दिमाग में इसे लेकर किसी तरह का दबाव नहीं है। भारत तेल आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लेकर है। हम पहले 27 देशों से तेल खरीदते थे, अब यह संख्या बढ़कर लगभग 40 हो गई है।’’ केंद्रीय मंत्री हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) की तरफ से आयोजित वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे।
तीन सालों में प्रमुख स्रोत बना रूस
बता दें कि भारत अपने कच्चे तेल की जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात से पूरी करता है। परंपरागत रूप से पश्चिम एशिया भारत का मुख्य तेल आपूर्तिकर्ता रहा है, लेकिन पिछले तीन सालों में रूस प्रमुख स्रोत के रूप में उभरकर सामने आया है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी देशों ने रूसी तेल पर प्रतिबंध लगा दिया था। उस समय रूस ने कच्चे तेल पर भारी छूट देनी शुरू कर दी थी जिससे भारत जैसे देशों को बहुत फायदा हुआ। मौजूदा समय में रूस, भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 40 प्रतिशत की आपूर्ति करता है।
भारत चिंतित नहीं- केंद्रीय मंत्री
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में चेतावनी दी है कि अगर रूस 50 दिन के भीतर यूक्रेन के साथ शांति समझौते तक नहीं पहुंचता है तो रूस से आयात करने वाले देशों पर प्रतिबंध या भारी शुल्क लगाए जाएंगे। इस पर पुरी ने कहा कि भारत घरेलू तेल खोज और उत्पादन को भी तेजी से बढ़ा रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, ‘‘मैं बिलकुल भी चिंतित नहीं हूं। अगर कुछ होता है तो हम उससे निपट लेंगे।’’
GTRI ने क्या दी सलाह?
इस बीच शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने गुरूवार को कहा कि भारत को रूस से कच्चे तेल की खरीद बंद करने के अमेरिकी दबाव में नहीं आना चाहिए और उसका विरोध करना चाहिए। थिंक टैंक ने कहा है कि रूस से तेल आयात करने से भारत को महंगाई को काबू में करने और अस्थिर वैश्विक माहौल में आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में मदद मिली है।




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