Ignoring Suvendu Adhikari will not be easy for BJP risks of not having CM of Bengal शुभेंदु अधिकारी को नजरअंदाज करना BJP के लिए आसान नहीं, CM नहीं बनाया तो होंगी कई मुश्किलें, India News in Hindi - Hindustan
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शुभेंदु अधिकारी को नजरअंदाज करना BJP के लिए आसान नहीं, CM नहीं बनाया तो होंगी कई मुश्किलें

बंगाल के नए मुख्यमंत्री पद के लिए कई नामों पर चर्चा हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग मान रहा है कि ममता बनर्जी की जगह को भरने के लिए किसी महिला चेहरे को लाना सही होगा।

Fri, 8 May 2026 06:10 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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शुभेंदु अधिकारी को नजरअंदाज करना BJP के लिए आसान नहीं, CM नहीं बनाया तो होंगी कई मुश्किलें

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाने जा रही भारतीय पार्टी (भाजपा) के भीतर मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गुरुवार को कोलकाता पहुंचने की संभावना है। शुक्रवार शाम को भाजपा विधायक दल की बैठक होनी है, जिसमें राज्य के नए कप्तान के नाम पर मुहर लगेगी। हालांकि, इससे पहले शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या की घटना ने बंगाल की राजनीति में उबाल ला दिया है।

बंगाल के नए मुख्यमंत्री पद के लिए कई नामों पर चर्चा हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग मान रहा है कि ममता बनर्जी की जगह को भरने के लिए किसी महिला चेहरे को लाना सही होगा। इसमें अग्निमित्रा पॉल और रूपा गांगुली के नामों की चर्चा है। संगठन की पसंद के तौर पर प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष के नाम भी दौड़ में हैं। हालांकि, इन सबके बीच जो नाम सबसे ज्यादा चमक रहा है और जिसके लिए कार्यकर्ताओं में सबसे ज्यादा उत्साह है वह है शुभेंदु अधिकारी का।

बंगाल में भारतीय जनता पार्टी को मिली इस शानदार जीत में शुभेंदु अधिकारी को सबसे बड़ा नायक माना जा रहा है। उनके पक्ष में सबसे मजबूत तर्क उनकी चुनावी सफलताएं हैं। 2021 में नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराने के बाद अब 2026 में उन्होंने टीएमसी सुप्रीमो को भवानीपुर सीट से हराकर खुद को दिग्गजों को हराने वाला नेता साबित किया है।

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टीएमसी के पूर्व रणनीतिकार होने के नाते उन्हें बंगाल की राजनीति की रग-रग का पता है। 2020 में उनके भाजपा में शामिल होने से पार्टी को जमीन पर एक ऐसा आक्रामक चेहरा मिला जिसने सीधे ममता बनर्जी को चुनौती दी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा का आम कार्यकर्ता भी शुभेंदु अधिकारी को ही मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहता है। पड़ोसी देश बांग्लादेश की प्रमुख पार्टी बीएनपी के नेता ने भी शुभेंदु के नेतृत्व वाली भाजपा को जीत की बधाई दी है। यह उनकी बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।

शुभेंदु को नजरअंदाज करने के जोखिम

जानकारों का मानना है कि यदि भाजपा नेतृत्व शुभेंदु अधिकारी के बजाय किसी अन्य को मुख्यमंत्री बनाता है तो इसके कई नुकसान भाजपा को हो सकते हैं। शुभेंदु ने सड़कों पर उतरकर टीएमसी के खिलाफ संघर्ष किया है। उन्हें दरकिनार करने से उन कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर सकता है जिन्होंने इस जीत के लिए कड़ी मेहनत की है। वह पूर्व में ममता सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उनके पास बंगाल की नौकरशाही और शासन तंत्र को समझने का गहरा अनुभव है, जो एक नए राज्य में सरकार चलाने के लिए अनिवार्य है।

क्या कोई वाइल्डकार्ड एंट्री होगी?

भाजपा का इतिहास रहा है कि वह कई बार चौंकाने वाले नाम सामने लाती है। शमिक भट्टाचार्य या अग्निमित्रा पॉल जैसे नेता सांगठनिक रूप से मजबूत हैं लेकिन उनमें शुभेंदु अधिकारी जैसी अपील की कमी दिखती है। ऐसे में भाजपा के पास फिलहाल शुभेंदु अधिकारी का विकल्प नहीं है।