IAS officer accused of sexually harassing women SIT to investigate IAS अधिकारी पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न का आरोप, एसआईटी करेगी जांच, India News in Hindi - Hindustan
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IAS अधिकारी पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न का आरोप, एसआईटी करेगी जांच

  • नगालैंड पुलिस ने आईएएस अधिकारी पर लगे आरोपों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। आईएएस अधिकारी पर महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न का आरोप है।

Sat, 12 April 2025 01:45 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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IAS अधिकारी पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न का आरोप, एसआईटी करेगी जांच

नगालैंड पुलिस ने एक आईएएस अधिकारी पर कई महिला कर्मचारियों के यौन और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज करने के अलावा एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। IAS अधिकारी पर नगालैंड निवेश एवं विकास प्राधिकरण (IDAN) की कई महिला कर्मचारियों का यौन और मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप है। पुलिस मुख्यालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि नगालैंड राज्य महिला आयोग (एनएससीडब्ल्यू) की अध्यक्ष नगीनयेइह कोन्याक ने इस संबंध में 17 मार्च को पुलिस महानिदेशक को एक लिखित शिकायत सौंपी थी।

यह कार्रवाई आईडीएएन के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के सलाहकार अबू मेथा द्वारा आईएएस अधिकारी के खिलाफ 27 फरवरी को दी गई मौखिक सूचना के आधार पर की गई है। पुलिस मुख्यालय के बयान में कहा गया है कि एनएससीडब्ल्यू ने पांच मार्च को आईएएस अधिकारी एवं संयुक्त सचिव के खिलाफ आईडीएएन में कार्यरत कई महिलाओं के बयान दर्ज किए।

आईडीएएन में काम करने वाली कई महिलाओं ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी पर वेतन में बढ़ोतरी और रोजगार के लिए शारीरिक संबंध बनाने की मांग करने का आरोप लगाया है। आईएएस अधिकारी ने हालांकि इन आरोपों को खारिज किया है।

आईडीएएन के अध्यक्ष ने तीन मार्च को एनएससीडब्ल्यू को पीड़ितों की शिकायत के साथ अबू मेथा को संबोधित एक औपचारिक अग्रेषण पत्र सौंपा। बाद में इन दस्तावेजों को पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया, जिसके बाद मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की गई। पुलिस मुख्यालय ने 25 मार्च को एक महिला पुलिस उपाधीक्षक को जांच का जिम्मा सौंपा था।

डीएसपी ने बताया कि एक अप्रैल को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आईएएस अधिकारी के खिलाफ आईडीएएन की महिला कर्मचारियों के आरोपों का समर्थन करने वाले साक्ष्य पाए गए और गहन आपराधिक जांच की सिफारिश की गई। इसके बाद 2 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस मुख्यालय ने कहा कि मामले की जांच के लिए पांच अप्रैल को एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।