महिला आरक्षण में बढ़ीं सीटें तो यूपी में होंगे 600 विधायक, इन राज्यों में 400 पार; सांसद कितने
यदि 300 या उससे अधिक विधायकों वाले राज्यों की बात करें तो इनमें बिहार के अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु शामिल होंगे। इसी तरह सांसदों की संख्या यूपी के बाद सबसे ज्यादा महाराष्ट्र की होगी। वहीं दिल्ली में विधायकों की संख्या 105 हो जाएगी और 11 सांसद होंगे।

लोकसभा और विधानसभाओं में महिला आरक्षण लागू करने के लिए सीटों की संख्या 50 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव है। यदि इस पर मुहर लगी तो उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 604 विधायक हैं। इस राज्य में अब भी 403 विधायक हैं और 80 लोकसभा सांसद राज्य से चुने जाते हैं। नए परिसीमन में भी उत्तर प्रदेश ही सबसे आगे रहेगा और यहां से सांसदों की संख्या 120 हो जाएगी। वहीं विधानसभा में भी सबसे आगे यूपी ही होगा। उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल होगा, जहां से 441 विधायक चुने जाएंगे। फिर तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र 432 विधायक भेजेगा और चौथे नंबर पर बिहार से 365 विधायक चुने जाएंगे।
अब यदि 300 या उससे अधिक विधायकों वाले राज्यों की बात करें तो इनमें बिहार के अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु शामिल होंगे। इसी तरह सांसदों की संख्या यूपी के बाद सबसे ज्यादा महाराष्ट्र की होगी। यहां से 72 लोकसभा सांसद दिल्ली जाएंगे, जबकि पश्चिम बंगाल से 63, बिहार से 60 और तमिलनाडु से 59 सांसद चुने जाएंगे। इस तरह सांसदों और विधायकों के अनुपात में कोई बदलाव नहीं होगा। सांसदों और विधायकों का प्रतिशत उतना ही रहेगा, बस संख्या में इजाफा हो जाएगा। इस तरह तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और पुदुचेरी जैसे साउथ इंडिया के राज्यों की चिंता भी सरकार दूर करेगी।
ऐसा इसलिए क्योंकि इन राज्यों की चिंता रही है कि यदि नई जनगणना के अनुसार परिसीमन हुआ तो उनकी सीटों का अनुपात कम हो जाएगा। एमके स्टालिन, चंद्रबाबू नायडू समेत ज्यादातर साउथ के नेता यह चिंता जताते रहे हैं। उनका कहना रहा है कि साउथ इंडिया के राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण की नीति का पालन किया है और सीटें कम करने का अर्थ होगा कि उन्हें इसकी सजा देना। फिलहाल 2011 की जनगणना के आधार पर ही परिसीमन की बात करके केंद्र सरकार ने सभी का भरोसा जीतने की कोशिश की है।
हालांकि इस प्रस्ताव के तहत तीन राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों की सीटों में कोई बदलाव नहीं होगा। यहां की विधानसभाओं में सदस्यों की संख्या में इजाफा हो सकता है, लेकिन लोकसभा सीट की संख्या एक ही रहेगी। इनमें पुदुचेरी, चंडीगढ़, लद्दाख, सिक्किम, नागालैंड और मिजोरम आदि शामिल हैं। वहीं केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में लोकसभा सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 11 हो जाएगी, जबकि विधायकों की संख्या 105 हो जाएगी। इतने ही विधायक उत्तराखंड से भी चुने जाएंगे। इसके अलावा हरियाणा और छत्तीसगढ़ के विधायकों की संख्या 135 होगी।
आइए चार्ट में देखते हैं, महिला आरक्षण के बाद किस राज्य में होंगी कितनी लोकसभा और विधानसभा सीटें…





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