पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर भारत में कैसे बन गया मोस्ट वांटेड, शहजाद भट्टी के अपराध की कुंडली
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला शहजाद भट्टी पहली बार 2013 में वहां की पुलिस के रडार पर आया था, जब उस पर चोरी और डकैती के मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद उस पर बलात्कार सहित कई अन्य आरोप भी लगे।

खुद को एक बिजनेसमैन, देशभक्त और धर्म का रक्षक बताने वाला पाकिस्तानी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शाहजाद भट्टी इस समय भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। एजेंसियों का आरोप है कि सोशल मीडिया पर "333" बैनर के तहत वीडियो बनाने वाला यह शख्स अब सीमा पार से चलने वाले एक बड़े अपराध और आतंकी नेटवर्क का मुख्य मोहरा बनकर उभरा है। शनिवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और गुजरात से 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार भट्टी के नेटवर्क से जुड़े हैं। जांचकर्ताओं के अनुसार ये आरोपी दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर, दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर एक लोकप्रिय ढाबा और हरियाणा में एक सैन्य ठिकाने पर हमलों की साजिश रच रहे थे।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला शहजाद भट्टी पहली बार 2013 में वहां की पुलिस के रडार पर आया था, जब उस पर चोरी और डकैती के मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद उस पर बलात्कार सहित कई अन्य आरोप भी लगे।
यूएई में कारोबार का दावा
साल 2015 के आसपास भट्टी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) चला गया, जहां वह स्क्रैप ट्रेडिंग और डेयरी का बिजनेस चलाने का दावा करता है। फिलहाल वह पाकिस्तान और खाड़ी देशों के बीच अपनी लोकेशन बदलता रहता है।
लॉरेंस बिश्नोई से संबंध
भट्टी ने खुद जेल में बंद भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ अपनी दोस्ती की बात कबूल की थी। भट्टी के अनुसार, यह संपर्क सोशल मीडिया पर इस्लाम-विरोधी पोस्ट को हटाने में मदद मांगने के दौरान शुरू हुआ था।
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड से लिंक
भट्टी का नाम जीशान अख्तर से भी जुड़ा, जो अक्टूबर 2024 में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या का आरोपी और बिश्नोई का करीबी गुर्गा है। हालांकि, पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद बिश्नोई के पाकिस्तान-विरोधी बयानों के कारण इन दोनों के रिश्तों में खटास आ गई।
भारत विरोधी साजिशों में हाथ
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का आरोप है कि भट्टी का संबंध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से है। वह भारत में बेरोजगार युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर अपने नेटवर्क का विस्तार करने की कोशिश कर रहा है। भट्टी के खिलाफ दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में एक दर्जन से अधिक एफआईआर दर्ज हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी उसके खिलाफ देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत मामले दर्ज किए हैं। मार्च 2024 में पंजाब के जालंधर में एक इन्फ्लुएंसर के घर के पास हुआ ग्रेनेड हमला भी भट्टी ने ही कराया था।
शाहजाद भट्टी के इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने भी कमर कस ली है। 13 मई को महाराष्ट्र ATS ने राज्य भर में करीब 40 ठिकानों पर छापेमारी की और भट्टी के नेटवर्क से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स के संपर्क में रहने वाले 53 लोगों से पूछताछ की। ATS के अधिकारियों ने भट्टी के ऑनलाइन भर्ती मॉडल का पर्दाफाश करते हुए बताया कि यह नेटवर्क सोशल मीडिया पर उन युवाओं की पहचान करता है जो व्यवस्था या अधिकारियों से नाराज या निराश होते हैं। इन युवाओं को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया जाता है और पैसों का लालच दिया जाता है।
शुरुआत में युवाओं को परखने के लिए छोटे-छोटे काम दिए जाते हैं। जब यह पक्का हो जाता है कि युवा पूरी तरह प्रभावित हो चुका है, तो उसे एक अलग ग्रुप में शामिल कर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले बड़े काम सौंपे जाते हैं। एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि इस ऑपरेशन का मकसद किसी बड़ी सुरक्षा चुनौती के खड़े होने से पहले ही इस ऑनलाइन जाल को पकड़ना और संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कड़ी नजर रखना है।




साइन इन