Hold Parliament on Monday bring old bill Priyanka Gandhi open challenge to Government सोमवार को संसद बुलाइए, पुराना बिल लाइए; प्रियंका वाड्रा ने सरकार को दे दी बड़ी चुनौती, India News in Hindi - Hindustan
More

सोमवार को संसद बुलाइए, पुराना बिल लाइए; प्रियंका वाड्रा ने सरकार को दे दी बड़ी चुनौती

संविधान में संशोधन का बिल लोकसभा में पास नहीं हो पाया है। इसके अगले दिन कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सरकार को चुनौती दी है। प्रियंका ने कहाकि सरकार सोमवार को वह बिल लेकर आए, जिसे 2023 में सभी दलों ने समर्थन दिया था।

Sat, 18 April 2026 04:45 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
सोमवार को संसद बुलाइए, पुराना बिल लाइए; प्रियंका वाड्रा ने सरकार को दे दी बड़ी चुनौती

संविधान में संशोधन का बिल लोकसभा में पास नहीं हो पाया है। इसके अगले दिन कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सरकार को चुनौती दी है। प्रियंका ने कहाकि सरकार सोमवार को वह बिल लेकर आए, जिसे 2023 में सभी दलों ने समर्थन दिया था। सोमवार को ही संसद बुलाई जाए, हम सभी इसको समर्थन देंगे। प्रियंका ने भाजपा नीत एनडीए पर आरोप लगाया कि वह पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के वोटरों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहाकि विपक्ष पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह महिला विरोधी हैं। जबकि यह बिल्कुल भी सही नहीं है। जिस पुराने बिल की बात प्रियंका कर रही हैं, वह नारी शक्ति वंदन अधिनियम है, जो 2023 में पास हुआ था। इसमें महिलाओं के लिए संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण की बात कही गई है।

संघीय ढांचे को बदलने का षडयंत्र
प्रियंका ने शनिवार को कहाकि महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक देश के संघीय ढांचे को बदलने का षड्यंत्र था। लोकसभा में इसका गिरना लोकतंत्र, संविधान एवं विपक्षी एकजुटता की जीत है। उन्होंने संवाददाताओं से कहाकि कल लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत हुई है। मोदी सरकार ने लोकतंत्र को कमजोर करने और संघीय ढांचे को बदलने की साजिश की थी, जिसे हमने हरा दिया। ये संविधान की जीत है, देश की जीत है, विपक्षी एकता की जीत है। प्रियंका ने कहा कि यह विपक्षी एकजुटता के लिए निर्णायक क्षण हो सकता है।

सरकार द्वारा रची गई साजिश
प्रियंका ने आगे कहाकि गृह मंत्री (अमित शाह) और प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) ने अपने भाषणों में कहाकि अगर विपक्ष इस मुद्दे पर सहमत नहीं होगा तो न कभी चुनाव जीत पाएगा, न ही सत्ता में आ पाएगा। इन बातों से ही साफ हो गया कि सरकार की मंशा क्या थी। प्रियंका ने दावा किया कि मेरा मानना है कि सरकार द्वारा जो साजिश रची गई, उसका उद्देश्य सत्ता हासिल करना है। इसके लिए सरकार ने महिलाओं का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती थी कि महिला आरक्षण के नाम पर विपक्ष यह विधेयक पारित करवा दे ताकि उन्हें मनमाने तरीके से परिसीमन की आजादी मिल जाए जिससे मोदी सरकार को जातिगत जनगणना का सहारा न लेना पड़े।

यह धक्का लगना जरूरी था
कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि यह महिला आरक्षण विधेयक की बात नहीं थी। यह बात परिसीमन से जुड़ी हुई थी। मोदी सरकार को परिसीमन इस आधार पर करना था, जिसमें उसे जातिगत जनगणना के आंकड़ों को देखने की जरूरत नहीं होती और मनमानी करने की पूरी आजादी मिलती। ऐसे में मुमकिन ही नहीं था कि विपक्ष मोदी सरकार का साथ दे। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पूरे देश ने देख लिया है कि जब विपक्ष एकजुट होता है तो कैसे मोदी सरकार को हराया जाता है। प्रियंका गांधी ने कहाकि मोदी सरकार को पहली बार धक्का लगा है, इसलिए इसे ‘काला दिन’ कह रही है। ये धक्का लगना बहुत जरूरी था।

भाजपा की मंशा पर सवाल
उन्होंने कहाकि सरकार का मानना था कि अगर विधेयक पारित होगा तो उनकी जीत होगी और विधेयक पारित नहीं हुआ तो विपक्ष को महिला विरोधी बता देंगे। वे (भाजपा) ऐसा कर खुद को महिलाओं का मसीहा साबित करना चाहती थी। प्रियंका ने हाथरस, उन्नाव और महिला पहलवानों के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा का एक इतिहास है और सदन में इसके विपरीत कुछ कहने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार महिलाओं का मसीहा बनना चाहती है।

सरकार का पीआर
कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ भाजपा के अभियान शुरू करने के बारे में पूछे जाने पर प्रियंका गांधी ने कहाकि आज महिलाओं का संघर्ष बहुत बढ़ चुका है। वे सरकार का पीआर और मीडियाबाजी देख रही हैं, समझ रही हैं। इसलिए अब यह सब नहीं चलेगा। उन्होंने दावा किया कि जनता का भरोसा इस सरकार से उठ चुका है। प्रियंका ने एक सवाल के जवाब में कहाकि हम सभी कह रहे हैं कि जिस तरह से महिला आरक्षण में अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षण होगा, उसी तरह संख्या के अनुरूप ओबीसी आरक्षण भी होना चाहिए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पीएम मोदी आज रात 8.30 बजे देश को करेंगे संबोधित, महिला आरक्षण पर रखेंगे बात?
ये भी पढ़ें:भले गिर गया बिल, फिर भी 2029 में लागू हो सकता है महिला आरक्षण; जानें विकल्प
ये भी पढ़ें:क्या भाजपा को पहले से था विधेयक गिरने का अंदाजा, क्यों खेला संशोधन वाला दांव?

लोकसभा में क्या हुआ था
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया था। सदन में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 मत पड़े। लोकसभा में किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। सरकार ने इस विधेयक के साथ ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन इन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका।