hashim musa pahalgam terrorist attack Pakistan special forces former commando पाकिस्तानी सेना का कमांडो बना आतंकी, पहलगाम में मासूमों पर चलाईं गोलियां, India News in Hindi - Hindustan
More

पाकिस्तानी सेना का कमांडो बना आतंकी, पहलगाम में मासूमों पर चलाईं गोलियां

पहलगाम नरसंहार में शामिल रहे एक पाकिस्तानी आतंकवादी की पहचान हाशिम मूसा के तौर पर हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मूसा गगनगीर में अक्तूबर 2024 में हुए आतंकवादी हमले में शामिल भी शामिल रहा था।

Tue, 29 April 2025 08:04 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
share
पाकिस्तानी सेना का कमांडो बना आतंकी, पहलगाम में मासूमों पर चलाईं गोलियां

जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की जांच जारी है। इसी बीच पता चला है कि हमले में शामिल एक आतंकवादी के तार पाकिस्तानी सेना से भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल, भारतीय सेना या सरकार की ओर से इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। एजेंसियों ने तीन आतंकवादियों की पहचान कर स्केच जारी किए थे।

पहलगाम नरसंहार में शामिल रहे एक पाकिस्तानी आतंकवादी की पहचान हाशिम मूसा के तौर पर हुई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी साजिश की जांच में पता चला है कि मूसा पाकिस्तानी सेना के स्पेशल फोर्सेज का पूर्व पैरा कमांडो है। अखबार को सूत्रों ने बताया कि मूसा अब लश्कर के साथ काम कर रहा है और उसे जम्मू और कश्मीर में गैर स्थानीय और सुरक्षा बलों के बीच दहशत फैलाने के इरादे से भेजा गया था।

एक अधिकारी ने अखबार को बताया, 'यह संभव है कि SSG यानी स्पेशल सर्विस ग्रुप जैसी पाकिस्तानी स्पेशल फोर्सेज की तरफ से उसे लश्कर को लोन दिया गया हो।' एसएसजी के पैरा कमांडो कोवर्ट ऑपरेशन में माहिर होते हैं। वो बड़े हथियारों के साथ-साथ हैंड कॉम्बेट भी जानते हैं। इसके अलावा नेविगेशन और सर्वाइवल स्किल्स प्रशिक्षित होते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अधइकारी ने बताया है कि 15 कश्मीरी ऑन ग्राउंड वर्कर्स से पूछताछ के दौरान मूसा के सेना से जुड़े होने का पता चला है। ये सभी 15 पहलगाम हमले के मुख्य संदिग्ध थे। खास बात है कि मूसा की सैन्य पृष्ठभूमि को पहलगाम हमले में ISI की भूमिका के सबूत के तौर पर भी देखा जा रहा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि मूसा गगनगीर में अक्तूबर 2024 में हुए आतंकवादी हमले में शामिल भी शामिल रहा था, जिसमें 6 गैर स्थानीय और एक डॉक्टर की मौत हो गई थी। वह बारामूला के बूता पाठरी के हमले में भी शामिल था, जहां दो सैन्य कर्मियों और एक आम नागरिक की मौत हो गई थी।