Has Humayun Kabir who is building the Babri Masjid, found electoral support for alliance बाबरी मस्जिद बना रहे हुमायूं कबीर को मिल गया चुनावी साथ? इस पार्टी से हुई गठबंधन की बात, India News in Hindi - Hindustan
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बाबरी मस्जिद बना रहे हुमायूं कबीर को मिल गया चुनावी साथ? इस पार्टी से हुई गठबंधन की बात

कबीर ने यह भी कहा कि आगामी चुनाव के लिए उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से गठबंधन के बारे में बातचीत कर सकती है। उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य भ्रष्ट सरकार को हराना और राज्य की जनता को एक पारदर्शी सरकार देना है।'

Thu, 29 Jan 2026 11:40 AMNisarg Dixit भाषा
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बाबरी मस्जिद बना रहे हुमायूं कबीर को मिल गया चुनावी साथ? इस पार्टी से हुई गठबंधन की बात

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव मोहम्मद सलीम ने जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर से मुलाकात की। इससे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दोनों पार्टियों के बीच संभावित गठबंधन की अटकलें तेज हो गईं। सलीम ने कहा कि आगामी चुनाव में सीट बंटवारे के प्रस्ताव पर माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के भीतर चर्चा की जाएगी।

उन्होंने बुधवार को न्यू टाउन के एक होटल में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक कबीर के साथ एक घंटे लंबी बैठक की। हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद की नींव रखने को लेकर हाल में चर्चा में आए थे। सलीम ने कहा, 'हम इस प्रस्ताव पर वाम मोर्चे में चर्चा करेंगे। उसके बाद मोर्चे से बाहर की वामपंथी पार्टियों के साथ और फिर आईएसएफ के साथ चर्चा करेंगे।'

पिछले चुनाव में सीपीएम का खाता नहीं खुला

माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने पश्चिम बंगाल में 2021 का विधानसभा चुनाव इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के साथ गठबंधन में लड़ा था, लेकिन पार्टी चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल सकी। आईएसएफ नेता नौशाद सिद्दीकी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलावा एकमात्र विपक्षी विधायक बन गए हैं।

CPM ने मना किया पर कबीर का दावा अलग

कबीर के साथ अपनी मुलाकात को उनके इरादों को समझने का प्रयास बताते हुए माकपा नेता ने कहा कि कई पार्टियां ऐसी हैं जिन्होंने अब तक विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे की व्यवस्था पर कोई फैसला नहीं लिया है। गठबंधन की चर्चा से इनकार करते हुए सलीम ने कहा, 'मैं उनसे जानना चाहता था कि वह क्या करना चाहते हैं और उनका उद्देश्य क्या है।'

तृणमूल कांग्रेस द्वारा निलंबित कबीर ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया लेकिन कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए संभावित गठबंधन पर चर्चा हुई थी। अपनी बेबाक टिप्पणियों के कारण विवादों में घिरे रहने वाले कबीर ने कहा, 'मैंने सलीम साहब से आग्रह किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि गठबंधन गठन की प्रक्रिया 15 फरवरी तक पूरी हो जाए।'

नवगठित पार्टी के नेता ने दावा किया कि चर्चाएं सार्थक रहीं। कबीर ने कहा कि उन्होंने सलीम से गठबंधन के संबंध में आईएसएफ नेतृत्व से बात करने का अनुरोध किया था।

AIMIM से भी कर सकती है बात

कबीर ने यह भी कहा कि आगामी चुनाव के लिए उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से गठबंधन के बारे में बातचीत कर सकती है। उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य भ्रष्ट सरकार को हराना और राज्य की जनता को एक पारदर्शी सरकार देना है।'

TMC ने कसा तंज

तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि न तो माकपा और न ही नवगठित पार्टी को जनता का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा, 'माकपा राजनीतिक रूप से दिवालिया हो चुकी है।'