भारत की सुपरसोनिक ताकत, फिलीपींस के बाद अब इंडोनेशिया खरीदने जा रहा ब्रह्मोस
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान तथा उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल एक बार फिर सुर्खियों में है और फिलीपीन्स के बाद इंडोनेशिया भी अपने सशस्त्र बलों के लिए यह मिसाइल प्रणाली खरीदने जा रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान तथा उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल एक बार फिर सुर्खियों में है और फिलीपीन्स के बाद इंडोनेशिया भी अपने सशस्त्र बलों के लिए यह मिसाइल प्रणाली खरीदने जा रहा है। इंडोनेशिया की मीडिया रिपोर्टों में वहां के रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि उसने ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली की खरीद को अंतिम रूप दे दिया है।
लंबे समय से चली आ रही बातचीत के बाद इस सौदे को अंतिम रूप दिया गया है। हालांकि अभी इस बारे में कोई औपचारिक अनुबंध नहीं हुआ है। रिपोर्टों में सौदे की कीमत के बारे में भी खुलासा नहीं किया गया है। इससे पहले ब्रह्ममोस की ओर से कहा गया था कि इंडोनेशिया ने इस मिसाइल में गंभीर रूचि दिखाई है और उसके साथ मिसाइल की खरीद के बारे में सौदे को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है।
गौरतलब है कि ब्रह्मोस मिसाइलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित आतंकवादी ठिकानों और पाकिस्तान के किराना हिल्स के पास स्थित भूमिगत ठिकानों सहित पाकिस्तानी वायु सेना के अनेक एयर बेस को भारी नुकसान पहुंचाया था। ब्रह्मोस भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और रूस की एक प्रमुख रक्षा और एयरोस्पेस अनुसंधान एवं विकास संस्था एनपीओ माशिनोस्त्रोयेनिया द्वारा विकसित दुनिया की सबसे तेज और उन्नत सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है।
इस मिसाइल को लखनऊ स्थित ब्रहमोस के केन्द्र में बनाया जा रहा है। यह दुनिया की सबसे तेज और उन्नत सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में है जो ध्वनि की गति से 3 गुना तेज गति से मार करने में सक्षम है। इसे सतह, हवा, जहाज या पनडुब्बी से दागा जा सकता है। यह मिसाइल 290-800 किमी रेंज के साथ 'फायर एंड फॉरगेट' तकनीक पर काम करती है।




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