पाकिस्तान जाना अपराध नहीं तो क्या है? हिमंत सरमा ने गौरव गोगोई को बताया ‘एजेंट’
गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर असम में लगभग 12,000 बीघा जमीन रखने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में हिमंत सरमा ने गोगोई के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया।

असम में विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राज्य की सियासत में व्यक्तिगत आरोपों का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने दावा किया कि गोगोई के खिलाफ उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोप तथ्यों पर आधारित हैं और उन्होंने कुछ भी जबरदस्ती नहीं कहा है।
गुवाहाटी में आयोजित 'पंचायत आजतक असम' को संबोधित करते हुए विपक्ष को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा, "हमने जो कुछ भी प्रस्तुत किया है, वह 100 प्रतिशत तथ्यों पर आधारित है। अगर हम कहीं भी गलत होते, तो क्या उन्होंने हमारे खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज नहीं किया होता?" मुख्यमंत्री का यह बयान गौरव गोगोई की 2013 की पाकिस्तान यात्रा के संदर्भ में था।
गौरव गोगोई को बताया पाक एजेंट
मुख्यमंत्री सरमा ने गौरव गोगोई को पाकिस्तानी एजेंट बताते हुए उनकी पुरानी यात्रा पर सवाल उठाए। सरमा ने आरोप लगाया कि गोगोई ने उन क्षेत्रों का दौरा किया जिनके लिए उनके पास अनुमति नहीं थी। सीएम ने सवाल उठाया कि गोगोई तक्षशिला कैसे गए, जो इस्लामाबाद में नहीं बल्कि रावलपिंडी में है। उन्होंने जोर दिया कि रावलपिंडी में पाकिस्तान सेना का जनरल मुख्यालय (GHQ) स्थित है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान जाना अपराध है, तो सरमा ने कहा, "मेरे लिए यह गंभीर मामला है। भारत ने पाकिस्तान के साथ तीन युद्ध लड़े हैं। अगर कोई बिना उचित अनुमति के उस जिले में जाता है जहां पाक सेना का मुख्यालय है, तो सवाल तो उठेंगे ही।"
जमीन घोटाले पर भी दिया जवाब
विवाद केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर असम में लगभग 12,000 बीघा जमीन रखने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में हिमंत सरमा ने गोगोई के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया। गुवाहाटी की एक अदालत ने कांग्रेस नेताओं को ऐसे बयान देने से परहेज करने का निर्देश भी दिया है।
5 साल से सुधारी गलतियां
आगामी विधानसभा चुनावों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने आत्मविश्वास तो दिखाया, लेकिन सतर्कता भी बरती। उन्होंने कहा, "जब तक आखिरी वोट नहीं पड़ जाता, किसी को अंतिम दावा नहीं करना चाहिए।" सरमा ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में उन्होंने पुरानी गलतियों को सुधारने का प्रयास किया है और असम को नई चुनौतियों के लिए तैयार किया है।
दिलचस्प बात यह है कि सरमा ने दावा किया कि वे अब अपने भाषणों में 'मियां' शब्द का इस्तेमाल नहीं करते और न ही राहुल गांधी या गौरव गोगोई का नाम लेते हैं। उन्होंने कहा, "मैं चुनाव प्रचार को भावनात्मक नहीं बनाना चाहता।"
गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री के 'पाक एजेंट' वाले आरोपों को पहले ही "सुपर फ्लॉप पॉलिटिकल ड्रामा" करार दिया है। कांग्रेस का तर्क है कि मुख्यमंत्री वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए पुरानी और आधारहीन बातों को उछाल रहे हैं।




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