गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने डिलीट कर दिया लिंक्डिन अकाउंट? दिख रहा 404 एरर
पूरे मामले में फजीहत करवाने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। उसके पवेलियन की लाइट काट दी गई और तुरंत उनके स्टाफ और स्टूडेंट्स को बाहर कर दिया गया।

दिल्ली में चल रहे एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी दो दिनों तक विवादों में रही। यूनिवर्सिटी ने चीनी रोबोडॉग को अपना बताते हुए पेश किया, जिसके बाद उसकी काफी ट्रोलिंग हुई। अन्य प्रोडक्ट्स पर भी सवाल खड़े हो गए। इस पूरे विवाद में एक चेहरा मीडिया में छाया रहा, जिनका नाम नेहा सिंह है। नेहा गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर हैं और वहां के प्रोडक्ट्स को मीडिया से रूबरू करवाने की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। पूरे मामले में निशाने पर आईं नेहा सिंह के लिंक्डिन अकाउंट पर भी काफी चर्चा हो रही है। अब संभवत: नेहा ने अपना लिंक्डिन अकाउंट डिलीट कर दिया है।
नेहा सिंह के लिंक्डिन अकाउंट पर उनके करियर के बारे में पूरी जानकारी दी गई थी। वे कहां से पढ़ी हैं और कितना पढ़ी हैं, इस बारे में अकाउंट पर पूरा जिक्र था। शुरुआत में तो वह पेज खुल रहा था, लेकिन अब उस पर क्लिक करने पर 404 एरर आ रहा है। साथ ही, लिखा आ रहा कि यह पेज अब एक्सिस्ट नहीं करता है। ऐसे में कहा जा रहा है कि नेहा सिंह ने विवादों के बीच अपना अकाउंट डिलीट कर दिया।
पूरे मामले में फजीहत करवाने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। उसके पवेलियन की लाइट काट दी गई और तुरंत उनके स्टाफ और स्टूडेंट्स को बाहर कर दिया गया। इस पर गलगोटिया ने माफी भी मांगी थी और ठीकरा प्रोफेसर नेहा सिंह पर फोड़ दिया था। बयान में कहा था कि कैमरे पर आने के जोश में गलती कर बैठीं। यूनिवर्सिटी ने एक माफीनामा जारी करते हुए कहा कि पवेलियन संभाल रही प्रतिनिधि उत्पाद के 'तकनीकी मूल के बारे में पूरी तरह अवगत नहीं थीं' और कैमरे के सामने जोश में आकर तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी दे बैठीं। इसके अलावा वह मीडिया से बात करने के लिए भी अधिकृत नहीं थीं।
संस्थान ने कहा, ''इस नवाचार को लेकर किसी तरह की संस्थागत मंशा से गलत प्रस्तुति नहीं की गई और विश्वविद्यालय शैक्षणिक ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदार प्रस्तुति के लिए प्रतिबद्ध है।'' राजधानी के 'भारत मंडपम' में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान मंगलवार को विश्वविद्यालय के पवेलियन में 'ओरियन' नाम के एक रोबोटिक डॉग को प्रदर्शित किया गया था। एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में विश्वविद्यालय की एक प्रोफेसर ने इसे विश्वविद्यालय के उत्कृष्टता केंद्र में विकसित बताया था। हालांकि, सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह दरअसल 'यूनिट्री गो2' मॉडल है, जिसका निर्माण यूनिट्री रोबोटिक्स करती है और पूरी दुनिया में इसका इस्तेमाल शोध एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है।




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