वायरल दावे वाली गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर ने बताया कहां हुई गलती, दिलचस्प सफाई दी
प्रोफेसर नेहा सिंह खुद सामने आई हैं और कहा कि मेरी मंशा गलत नहीं थी। नेहा सिंह ने कहा कि हमने यह दावा ही नहीं किया था। नेहा सिंह ने कहा कि शायद हमसे अपनी बात कहने में चूक हुई और उसे गलत ढंग से समझा गया। प्रोफेसर नेहा सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें अपनी बात और सही से रखी चाहिए थी।

चीन में बने रोबोट डॉग को तैयार करने का दावा किए जाने पर छिड़े विवाद को लेकर अब गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने सफाई दी है। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद सवाल उठे थे। कई लोगों ने यह जानकारी दी थी कि यह रोबोट डॉग तो चीन में तैयार हुआ था, उस पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी का दावा फर्जी है कि यह उनका आविष्कार है। अब इसे लेकर प्रोफेसर नेहा सिंह खुद सामने आई हैं और कहा कि मेरी मंशा गलत नहीं थी। नेहा सिंह ने कहा कि हमने यह दावा ही नहीं किया था, जैसा बताया जा रहा है। नेहा सिंह ने कहा कि शायद हमसे अपनी बात कहने में चूक हुई और उसे गलत ढंग से समझा गया। इस मामले में विवाद इतना बढ़ा कि यूनिवर्सिटी को AI समिट से ही बाहर कर दिया गया था।
प्रोफेसर नेहा सिंह ने हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत में यह भी स्वीकार किया कि उन्हें अपनी बात और सही से रखी चाहिए थी। यदि वह ऐसा करतीं तो किसी को कोई गलतफहमी नहीं हुई होती। नेहा सिंह ने कहा कि AI समिट 2026 में लोग काफी उत्साहित थे। आसपास काफी शोर-शराबा था और इसी दौरान उनसे मीडिया की बातचीत हुई। इसी के चलते शायद कुछ मिस-कॉम्युनिकेशन हुआ। नेहा सिंह ने कहा कि जल्दबाजी में ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि मशीन को तैयार करने का दावा उनकी ओर से नहीं किया गया था। नेहा सिंह ने कहा कि हमने जो बात कही, उसमें कहीं भी हमारी मंशा उसे तैयार करने का दावा करने की नहीं थी, लेकिन हमें गलत समझा गया।
नेहा सिंह ने कहा, 'मुझे शायद और ज्यादा स्पष्टता से बात रखनी थी। वहां काफी शोर-शराबा था। ऐसी स्थिति में कुछ गलती हो गई। हमारी ऐसी कोई मंशा नहीं थी। हमने रोबोट की ब्रांडिंग में भी कोई बदलाव नहीं किया।' उन्होंने कहा कि मुझे दुख है कि मैंने जो कहा था, वह अलग बात थी और उसे दूसरे ढंग से लिया गया। इस दौरान नेहा सिंह ने साफ कहा कि हमने इसे तैयार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यह हमारी यूनिवर्सिटी की ओर से AI इन्वेस्टमेंट के तहत खरीदा गया। इसका उद्देश्य यह था कि इसे यूनिवर्सिटी की लैब में रखा जाए ताकि वहां बच्चे इसके बारे में समझें और अध्ययन कर सकें। हमने इसे लेकर ऐसा कोई दावा नहीं किया था कि इसे हमारी ओर से तैयार किया गया है।
वीडियो में ऐसा क्या दावा था, जिस पर खूब ट्रोल हुई यूनिवर्सिटी
दरअसल यह पूरा विवाद एक शॉर्ट वीडियो क्लिप से शुरू हुआ था। इस वीडियो में नेहा सिंह को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि ओरियन नाम के रोबोट डॉग को गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की ओर से तैयार किया गया है। लेकिन जब यूजर्स ने इसकी पड़ताल की तो पोल खुल गई। यूजर्स ने दावा किया कि इस रोबोट डॉग को तो चीनी कंपनी Unitree Robotics ने तैयार किया है। अब नेहा सिंह ने इस दावे को लेकर ही सफाई दी है। उन्होंने कहा कि हम ऐसी किसी चीज को लेकर दावा नहीं कर सकते, जिसे हमने तैयार नहीं किया है। उसमें हमारे छात्रों का कोई योगदान नहीं है। यह हमारी नैतिकता और वैल्यू सिस्टम नहीं है कि हम किसी और के आविष्कार को अपना बताएं।
Developed शब्द पर मचे बवाल पर क्या कहा
उन्होंने कहा कि मैंने जब इसके बारे में बताते हुए 'developed' शब्द का प्रयोग किया तो उसका अर्थ यह था कि इसके बारे में हम जानेंगे और समझेंगे। छात्रों को इससे एक्सपेरिमेंट करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारे समझाने में शायद गलती हुई है। यह ऐसी बात थी कि हम जिसे 6 बता रहे हैं, वह किसी और के लिए 9 जैसा दिख रहा है। इससे ज्यादा कुछ नहीं है।




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