First Indian in international space station india to make new history Shubhanshu Shukla in AX 4 mission भारत अंतरिक्ष में रचेगा नया इतिहास, कैप्टन शुभांशु शुक्ला जाएंगे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन, India News in Hindi - Hindustan
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भारत अंतरिक्ष में रचेगा नया इतिहास, कैप्टन शुभांशु शुक्ला जाएंगे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन

  • भारत जल्द ही अंतरिक्ष में नया इतिहास रचने वाला है। भारतीय वायुसेना के कैप्टन शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में जाने वाले पहले भारतीय बनने वाले हैं।

Wed, 2 April 2025 08:15 PMGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान
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भारत अंतरिक्ष में रचेगा नया इतिहास, कैप्टन शुभांशु शुक्ला जाएंगे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन

First Indian in ISS: भारत अंतरिक्ष में नया इतिहास रचने जा रहा है। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला स्पेसएक्स के साथ चल रहे नए मिशन का हिस्सा होंगे। वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय बनेंगे। यह मिशन Axiom Mission 4 (Ax-4) का हिस्सा होगा। इसे नासा के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से मई 2025 तक लॉन्च किया जा सकता है।

शुभांशु शुक्ला कौन हैं?

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के अनुभवी पायलट हैं। वह भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के लिए भी चुने गए एस्ट्रोनॉट्स में शामिल हैं। Ax-4 मिशन में वह स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान के पायलट के रूप में अंतरिक्ष की यात्रा करेंगे।

मिशन में और कौन-कौन

इस मिशन का नेतृत्व पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन करेंगी। उनके साथ पोलैंड के सावोस उजनान्स्की-विस्नेवस्की और हंगरी के टिबोर कापू मिशन स्पेशलिस्ट के रूप में शामिल होंगे।

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मिशन का उद्देश्य

यह 14 दिन का मिशन है, जिसमें विज्ञान से जुड़े प्रयोग, शैक्षिक कार्यक्रम और व्यावसायिक गतिविधियां की जाएंगी। शुभांशु शुक्ला इस दौरान भारत की संस्कृति को भी अंतरिक्ष में प्रदर्शित करेंगे। वह अलग-अलग भारतीय राज्यों से जुड़ी कलाकृतियां लेकर जाएंगे और अंतरिक्ष में योग करने का भी प्रयास करेंगे।

भारत के लिए क्यों खास

शुभांशु शुक्ला इस मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे पहले राकेश शर्मा 1984 में अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बने थे। यह मिशन भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती ताकत और वैश्विक सहयोग को दर्शाता है।

इस मिशन के जरिए नासा, Axiom Space और ISRO के बीच सहयोग मजबूत होगा, जिससे भविष्य में अंतरिक्ष की खोज और अंतरिक्ष यात्राओं के नए रास्ते खुलेंगे। शुभांशु शुक्ला ने कहा, "यह सिर्फ मेरी यात्रा नहीं है, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों की उम्मीदों और सपनों की उड़ान है।"