father of Vijay TVK says He wanted to do something for Tamil Nadu, also introduced first fan अकेले दम पर लड़ा और जीता; पिता ने की बेटे थलपति विजय की बहादुरी की तारीफ, 'फर्स्ट फैन' से भी मिलवाया, India News in Hindi - Hindustan
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अकेले दम पर लड़ा और जीता; पिता ने की बेटे थलपति विजय की बहादुरी की तारीफ, 'फर्स्ट फैन' से भी मिलवाया

पिता चंद्रशेखर ने विजय की सफलता के पीछे उनके अनुशासन और कड़ी मेहनत को श्रेय दिया। उन्होंने बताया कि जिस तरह विजय ने 1984 में एक बाल कलाकार से लेकर 1992 में मुख्य अभिनेता बनने तक संघर्ष किया, वही समर्पण उन्होंने राजनीति में भी दिखाया है।

Mon, 4 May 2026 04:13 PMSourabh Jain एएनआई
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अकेले दम पर लड़ा और जीता; पिता ने की बेटे थलपति विजय की बहादुरी की तारीफ, 'फर्स्ट फैन' से भी मिलवाया

तमिलनाडु में सोमवार को विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के साथ ही राज्य की राजनीति में एक नया इतिहास भी रच गया। इन चुनावों में सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और इस दौरान फिल्मी पर्दे के 'थलपति' अब वास्तविक राजनीति के 'जन नायक' बन चुके हैं। खबर लिखे जाने तक मिले रुझानों के अनुसार विजय की पार्टी TVK लगभग 109 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी, और पार्टी को मिली इस सफलता ने राज्य में दशकों से राज कर रहे प्रमुख द्रविड़ दलों की जड़ों को हिला दिया है। उधर बेटे को मिली इस सफलता पर थलपति के पिता और दिग्गज फिल्म निर्देशक एसए चंद्रशेखर ने खुशी जताई है और अपने बेटे के सफर को याद किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया को अपने बेटे की 'फर्स्ट फैन' से भी मिलवाया।

'वह बचपन से ही सेवा करना चाहता था'

विजय की इस शानदार जीत पर उनके पिता चंद्रशेखर ने ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। पिछले 30 सालों से विजय के मन में तमिलनाडु के लिए कुछ करने की तड़प थी और उसकी इसी इच्छा का फल राज्य के चुनावी मैदान में उनके शानदार प्रदर्शन के रूप में सामने आया है। उसी वजह से आज वह मुख्यमंत्री बनने की दहलीज पर है।'

पिता ने इसे बताया बहादुरी का सबसे बड़ा सबूत

आगे उन्होंने कहा कि '2024 में अपनी पार्टी लॉन्च करने के बाद से पिछले दो सालों से विजय मुख्यमंत्री बनने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त था। इस दौरान उसका आत्मविश्वास जबरदस्त रहा है, और उसे पूरा यकीन था कि वह तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनकर ही रहेगा। मैं उसके इस रवैये की सराहना करता हूं। एक नेता के तौर पर, उसकी सबसे बड़ी हिम्मत यह है कि वह बिना किसी गठबंधन के अपने दम पर चुनाव लड़ा और मुझे लगता है कि यह एक ऐतिहासिक सफलता है और उसकी बहादुरी का प्रमाण है।'

'आपकी सोच में सामाजिक सरोकार होने भी जरूरी'

चंद्रशेखर, जिन्होंने 1980 के दशक में एक बाल कलाकार के तौर पर अपने बेटे के करियर को शुरू करने में मदद की थी, ‘एक इंसान के तौर पर, आपको सिर्फ़ एक कलाकार ही नहीं होना चाहिए, बल्कि आपकी सोच में कुछ सामाजिक सरोकार भी होने चाहिए। पिछले 30 सालों से, उसके (विजय के) मन में एक बात थी कि उसे तमिलनाडु के लिए कुछ करना है। धीरे-धीरे उसने खुद को इसके लिए तैयार किया और आज वह मुख्यमंत्री बनने की राह पर है।’

'फर्स्ट फैन' ने भी जताई बहुत ज्यादा खुशी

उधर इस मौके पर विजय की मां शोभा चंद्रशेखर ने भी दिल से खुशी जताई और केवल इतना कहा कि, 'मैं बहुत खुश हूं', इसके बाद विजय के पिता ने मजाकिया अंदाज में कहा कि 'वह केवल उसकी मां नहीं, बल्कि विजय की 'पहली फैन' भी हैं और वह बहुत ज्यादा खुश हैं।'

अनुशासन और जनता से जुड़ाव को बताया वजह

पिता चंद्रशेखर ने विजय की सफलता के पीछे उनके अनुशासन और कड़ी मेहनत को श्रेय दिया। उन्होंने बताया कि जिस तरह विजय ने 1984 में एक बाल कलाकार से लेकर 1992 में मुख्य अभिनेता बनने तक संघर्ष किया, वही समर्पण उन्होंने राजनीति में भी दिखाया है।

विजय ने राज्य के लोगों से जोड़ा अपना रिश्ता

विजय के पिता के अनुसार उनके बेटे की सफलता में लोगों से जुड़ाव बेहद अहम साबित हुआ। उन्होंने कहा कि विजय ने जिस तरह से आम जनता के साथ अपना जुड़ाव बनाया है, उसकी वजह से लोगों ने उसके साथ एक गहरा रिश्ता बना लिया है। उसी रिश्ते की वजह से तमिलनाडु की महिलाएं उन्हें अपना बेटा मानती हैं, बुजुर्ग उन्हें पोता और युवा उन्हें अपना भाई मानते हैं। पिता के मुताबिक यही भावनात्मक जुड़ाव वोट में तब्दील हुआ।

कजिन बोली- हमें यकीन है वह जरूर कर दिखाएंगे

विजय की कजिन ने भी लोगों के लिए सही काम करने की विजय की काबिलियत पर भी भरोसा जताया। उन्होंने कहा, 'वह एक युवा और जोशीला इंसान है, और तमिलनाडु में हर कोई उससे एक बहुत बड़े बदलाव की उम्मीद कर रहा है। हमें पूरा यकीन है कि वह सबसे बेहतरीन काम करके दिखाएगा।'

तमिलनाडु की द्रविड़ राजनीति के बीच नई शुरुआत

विजय की TVK ने तमिलनाडु की पारंपरिक 'द्रविड़' पार्टियों (DMK और AIADMK) को चौंकाते हुए उनके वर्चस्व को तगड़ी चुनौती दी है और राजनीतिक के एक नए दौर की शुरुआत का संकेत भी दिया है।। 234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है और TVK अभी जादुई आंकड़े से थोड़ी दूर है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि वे छोटे दलों के समर्थन से सरकार बना लेंगे।