election commission SIR phase 3 in 22 States and UTs vs census 2027 clash इस महीने शुरू होगा SIR का तीसरा चरण, दिल्ली समेत 22 राज्यों की बारी; जनगणना से होगा टकराव?, India News in Hindi - Hindustan
More

इस महीने शुरू होगा SIR का तीसरा चरण, दिल्ली समेत 22 राज्यों की बारी; जनगणना से होगा टकराव?

चुनाव आयोग अप्रैल 2026 से 22 राज्यों/UTs में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) का तीसरा चरण शुरू करेगा। जानें क्यों जनगणना 2027 और चुनाव आयोग की ये टाइमिंग दिल्ली, हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों के लिए सिरदर्द बन सकती है।

Fri, 20 Feb 2026 07:20 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
इस महीने शुरू होगा SIR का तीसरा चरण, दिल्ली समेत 22 राज्यों की बारी; जनगणना से होगा टकराव?

देश में मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करने की प्रक्रिया को तेज करते हुए चुनाव आयोग (ईसीआई) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे चरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग ने गुरुवार को शेष 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को पत्र लिखकर संकेत दिया है कि SIR प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। साथ ही अधिकारियों से तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है।

अब तक का सफर: चरण 1 और 2

मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने की यह प्रक्रिया चरणों में चल रही है। SIR का पहला चरण बिहार में लागू किया गया था। इसके बाद 27 अक्टूबर 2025 को आयोग ने दूसरे चरण की घोषणा की, जिसमें 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे। इन दोनों चरणों में मिलाकर लगभग 60 करोड़ मतदाता कवर किए जा चुके हैं।

हालांकि, आयोग ने पहले भी बिहार को छोड़कर सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखा था, लेकिन दूसरे चरण में केवल 12 को शामिल किया गया। इससे संकेत मिलता है कि तीसरे चरण में भी सभी 22 शेष राज्यों/यूटी को शामिल किया जाना तय नहीं है। इन 22 राज्यों/यूटी का कुल निर्वाचन क्षेत्र लगभग 39 करोड़ मतदाताओं का है।

कौन से राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं शामिल?

आयोग द्वारा संपर्क किए गए राज्यों की सूची में वे राज्य भी शामिल हैं जहां विधानसभा चुनाव नजदीक हैं (जैसे मणिपुर और उत्तराखंड, जिनका कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त हो रहा है)।

सूची में शामिल प्रमुख नाम हैं:

राज्य: उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना।

केंद्र शासित प्रदेश: दिल्ली, चंडीगढ़, लद्दाख, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव।

हालांकि 22 राज्यों को पत्र लिखा गया है, लेकिन पिछले अनुभवों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि तीसरे चरण में इन सभी को एक साथ शामिल नहीं किया जाएगा; कुछ को अगले चरणों के लिए रोका जा सकता है।

जनगणना 2027 के साथ टकराव की स्थिति

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि SIR का तीसरा चरण जनगणना 2027 के 'हाउसलिस्टिंग' (मकानों की सूची बनाना) चरण के साथ टकरा सकता है।

समय सीमा: जनगणना का हाउसलिस्टिंग कार्य इस वर्ष 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच 45 दिनों की अवधि में होना है।

चुनौती: दिल्ली, हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों ने पहले ही अपनी हाउसलिस्टिंग समय सीमा अधिसूचित कर दी है।

ऐसे में इन राज्यों को या तो अपनी जनगणना की तारीखों को संशोधित करना होगा या चुनाव आयोग से अनुरोध करना होगा कि उन्हें SIR के अगले चरण में रखा जाए। वहीं, जिन राज्यों ने अभी तारीखें तय नहीं की हैं, वे जनगणना को जून-जुलाई के बाद टाल सकते हैं।

यह तीसरा चरण संभवतः जून या जुलाई की शुरुआत तक खिंच सकता है, खासकर यदि प्रक्रियाओं में विस्तार दिया जाता है।

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का उद्देश्य मतदाता सूचियों से मृत, स्थानांतरित या अयोग्य नामों को हटाना और पात्र नए मतदाताओं को जोड़ना है। आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के आम चुनावों को देखते हुए यह प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगामी महीनों में यह स्पष्ट होगा कि तीसरे चरण में कितने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को वास्तविक रूप से शामिल किया जाता है और जनगणना के कार्यक्रम के साथ तालमेल कैसे बैठाया जाता है।

इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।