Disruption in the Strait of Hormuz will have a direct impact on Indias security says Rajnath Singh होर्मुज में रुकावट का भारत की सुरक्षा पर कितना असर, राजनाथ सिंह ने बताया, India News in Hindi - Hindustan
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होर्मुज में रुकावट का भारत की सुरक्षा पर कितना असर, राजनाथ सिंह ने बताया

भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। यह तेल ज्यादातर होर्मुज से होकर गुजरता है। वहीं, दुनिया के समुद्री रास्ते से होने वाले कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा एलएनजी इसी रास्ते से गुजरती है।

Wed, 22 April 2026 06:16 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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होर्मुज में रुकावट का भारत की सुरक्षा पर कितना असर, राजनाथ सिंह ने बताया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दिक्कतों का असर भारत की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर पड़ता है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच उन्होंने यह टिप्पणी की है। खास बात है कि अमेरिका के साथ युद्ध शुरू होने के बाद पहले ईरान ने होर्मुज जलमार्ग पर रोक लगा दी थी। वहीं, सीजफायर के बाद अमेरिका ने नाकेबंदी का ऐलान कर दिया है।

सिंह ने कहा, 'भारत जैसे विकासशील देश के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यवधान कोई दूर की घटना नहीं बल्कि यह एक गंभीर वास्तविकता है, जिसका हमारी सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर सीधा प्रभाव पड़ता है।' उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के एक महत्वपूर्ण हिस्से के लिए पश्चिम एशियाई क्षेत्र पर निर्भर है।

जर्मनी यात्रा पर रक्षा मंत्री

सिंह ने जर्मनी की तीन दिवसीय यात्रा के पहले दिन रक्षा एवं सुरक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि आज दुनिया नए सुरक्षा खतरों का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि तकनीकी परिवर्तन ने स्थिति को बेहद जटिल और परस्पर संबंधित बना दिया है। मंत्री ने कहा कि बदलते परिवेश के अनुकूल ढलने की तत्परता के साथ एक नए नजरिए की आवश्यकता है।

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मंगलवार से शुरू हो रही सिंह की जर्मनी यात्रा का मकसद द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक रूपरेखा को अंतिम रूप देना है। इस रोडमैप के तहत दोनों देशों के बीच विभिन्न सैन्य उपकरणों को मिलकर बनाने के लिए एक ढांचा तैयार किया जाएगा। बर्लिन में सिंह अपने जर्मन समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ व्यापक वार्ता करेंगे।

मंत्रालय ने सिंह की यात्रा से पहले कहा, 'बातचीत के दौरान रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने, सैन्य संबंधों को मजबूत बनाने और साइबर सुरक्षा, ड्रोन निर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों में अवसर तलाशने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।'

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जर्मनी के साथ बेहतर रिश्तों की वकालत

सिंह ने भारत और जर्मनी के रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने की भी पुरजोर वकालत की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की जर्मनी यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया में 50 दिनों से अधिक समय से संघर्ष जारी है और इसके वैश्विक परिणाम सामने आ रहे हैं।

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भारत के लिए अहम है होर्मुज

भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। यह तेल ज्यादातर होर्मुज से होकर गुजरता है। वहीं, दुनिया के समुद्री रास्ते से होने वाले कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा एलएनजी इसी रास्ते से गुजरती है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत, यूएई और कतर जैसे प्रमुख ऊर्जा उत्पादक देश अपने निर्यात के लिए इस मार्ग पर निर्भर हैं।