Dinner party with George Soros in 2009 Union Minister vs Shashi Tharoor न्यूयॉर्क डिनर पार्टी में जॉर्ज सोरोस को किसने बुलाया था? 15 साल पुरानी बात पर भिड़े थरूर और केंद्रीय मंत्री, India News in Hindi - Hindustan
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न्यूयॉर्क डिनर पार्टी में जॉर्ज सोरोस को किसने बुलाया था? 15 साल पुरानी बात पर भिड़े थरूर और केंद्रीय मंत्री

  • पुरी उस समय संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत थे। उन्होंने थरूर पर पलटवार करते हुए कहा कि इस डिनर के लिए मेहमानों की सूची थरूर ने दी थी, जिनमें सोरोस का नाम शामिल था।

Sat, 21 Dec 2024 02:26 PMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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न्यूयॉर्क डिनर पार्टी में जॉर्ज सोरोस को किसने बुलाया था? 15 साल पुरानी बात पर भिड़े थरूर और केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बीच 2009 में न्यूयॉर्क में आयोजित एक डिनर को लेकर वाकयुद्ध छिड़ गया है। इस डिनर की मेजबानी पुरी ने की थी, जिसमें अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस भी शामिल थे। भाजपा नेताओं ने थरूर और सोरस की पिछली मुलाकातों का हवाला देते हुए कांग्रेस और सोरस के बीच संबंध होने का आरोप लगाया है।

पुरी उस समय संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत थे। उन्होंने थरूर पर पलटवार करते हुए कहा कि इस डिनर के लिए मेहमानों की सूची थरूर ने दी थी, जिनमें सोरोस का नाम शामिल था। पुरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, "यह स्पष्ट है कि यह नाम राजीव गांधी फाउंडेशन के सहयोगियों में शामिल होने के कारण जोड़ा गया था, और राज्य मंत्री (थरूर) उनसे मिलने के इच्छुक थे।" पुरी ने यह भी दावा किया कि थरूर ने मई 2009 में सोरोस से मुलाकात की थी और इसके बारे में ट्वीट भी किया था। पुरी ने कहा, "चूंकि मैं उस समय न्यूयॉर्क में नया था और थरूर वहां काफी समय बिता चुके थे, इसलिए मेहमानों की सूची मैंने नहीं चुनी। यह सूची थरूर ने दी थी।"

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थरूर ने दिया पलटवार

शशि थरूर ने पुरी के दावों को खारिज करते हुए भाजपा पर आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, "प्रिय हरदीप, हमारी यादें अलग-अलग हैं। आपके शानदार डिनर में कई ऐसे मेहमान मौजूद थे, जिनसे मैं पहले कभी नहीं मिला था। लेकिन मुझे ऐसा कोई कारण नहीं दिखता कि हम दोनों न्यूयॉर्क या जिनेवा में अपने जीवन के शुरुआती दौर में किसी से भी अपने संपर्कों को नकार दें।"

थरूर ने पुरी के इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि सोरोस का किसी भारतीय फाउंडेशन से कोई संबंध है। उन्होंने कहा, "मुझे इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं थी कि सोरोस का भारत में किसी फाउंडेशन से कोई संबंध है - और मैंने इस बारे में उनसे कभी चर्चा भी नहीं की।" इसके बजाय, थरूर ने याद दिलाया कि डिनर के दौरान सोरोस ने ग्लोबल वार्मिंग पर भारत के रुख की आलोचना की थी।

भाजपा कार्यकर्ता द्वारा 2009 के एक ट्वीट को उजागर करने के बाद यह विवाद बढ़ा। इस ट्वीट में थरूर ने सोरस को "पुराना दोस्त" कहकर भारत में उनकी रुचि की सराहना की थी। थरूर ने स्पष्ट किया कि उनकी सोरस से केवल सामाजिक मुलाकात हुई थी और उसके बाद उनका कोई संपर्क नहीं रहा। थरूर ने लिखा, "राजदूत पुरी ने मेरे साथ डिनर पर चर्चा के लिए कई प्रमुख अमेरिकियों को आमंत्रित किया था और यह पूरी तरह से उचित था।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह इस घटना के बाद से सोरोस के संपर्क में नहीं थे और उन्होंने कभी भी उनसे या उनके फाउंडेशन से धन मांगने या प्राप्त करने से इनकार किया।

भाजपा और सोरस का पुराना टकराव

भाजपा पहले भी सोरस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने का आरोप लगा चुकी है। भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि उसने सोरस और उनकी संस्थाओं के साथ मिलकर भारत में गलत सूचनाएं फैलाने और संसद को बाधित करने का षड्यंत्र रचा है। भाजपा का कहना है कि फ्रांसीसी मीडिया आउटलेट मीडियापार्ट ने सोरस के संगठन ‘ओसीसीआरपी’ (Organised Crime and Corruption Reporting Project) की अमेरिकी सरकार से कथित संबंधों का खुलासा किया है, जो इन आरोपों का आधार है।

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