चार बच्चे पैदा करें हिंदू, एक आरएसएस को समर्पित कर दें; बाबा बागेश्वर का बयान
बाबा बागेश्वर के नाम से मशहूर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर अपने बयान से चौंकाया है। बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री ने कहाकि हिंदुओं के कम से कम चार बच्चे होने चाहिए। इनमें से एक बच्चे को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को समर्पित करना चाहिए।

बाबा बागेश्वर के नाम से मशहूर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर अपने बयान से चौंकाया है। बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री ने कहाकि हिंदुओं के कम से कम चार बच्चे होने चाहिए। इनमें से एक बच्चे को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को समर्पित करना चाहिए। बाबा बागेश्वर ने शुक्रवार को डॉ. अबाजी थट्टे सेवा और अनुसंधान संस्थान द्वारा प्रस्तावित ‘भारत दुर्गा मंदिर’ के शिलान्यास समारोह में हिंदुओं से अपनी आबादी बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहाकि यह धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए आवश्यक है। इस दौरान आरएसएस चीफ मोहन भागवत, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस समेत कई अन्य लोग मौजूद थे।
आबादी को लेकर सचेत रहें हिंदू
धीरेंद्र शास्त्री ने आगाह किया कि यदि हिंदू अपनी आबादी को लेकर सचेत नहीं रहे तो भविष्य में अस्तित्व का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के कम से कम चार बच्चे होने चाहिए और उनमें से एक को आरएसएस को समर्पित करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि एक बार भारत दुर्गा मंदिर पूरा हो जाने के बाद भारत ‘अखंड भारत’ (अविभाजित भारत) बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने ऐतिहासिक हस्तियों का संदर्भ देते हुए देशभक्ति की भावना को रेखांकित करने के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज और समर्थ रामदास स्वामी के बीच के संबंधों का उदाहरण दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल के दिनों में कई हिंदुत्व नेताओं ने आबादी में असंतुलन को लेकर चिंताएं जताई हैं।
कांग्रेस ने लगाया शिवाजी के अपमान का आरोप
वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शनिवार को प्रवचनकर्ता धीरेंद्र शास्त्री पर छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्थ रामदास से जोड़कर उनका अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने एक प्रेस वार्ता में कहाकि शिवाजी महाराज और रामदास स्वामी को आपस में न जोड़ें। वे अलग-अलग कालखंडों से संबंधित हैं। यह भाजपा द्वारा इतिहास को विकृत करने का जानबूझकर किया गया प्रयास है।
सपकाल ने आरोप लगाया कि छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करना भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय नीति है। उन्होंने कहाकि महाराष्ट्र की जनता शिवाजी महाराज के प्रति किसी भी प्रकार का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी। धीरेंद्र शास्त्री, (मुख्यमंत्री) देवेंद्र फडणवीस, (केंद्रीय मंत्री) नितिन गडकरी और आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत को महाराष्ट्र से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि हालांकि शास्त्री ने इन नेताओं की उपस्थिति में अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, लेकिन उनमें से किसी ने भी बुनियादी विरोध तक दर्ज नहीं कराया।
क्या बोले कांग्रेस नेता
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आरएसएस के विचारक एमएस गोलवलकर और हिंदुत्ववादी नेता वीडी सावरकर के लेखन में शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में आपत्तिजनक संदर्भ शामिल हैं। शास्त्री ने कथित तौर पर कहा था कि शिवाजी महाराज ने वर्षों के युद्ध के बाद अपने गुरु समर्थ रामदास से संपर्क किया और अपनी जिम्मेदारियों का त्याग करके विश्राम करने की इच्छा व्यक्त की। शास्त्री ने यह भी दावा किया कि समर्थ रामदास ने छत्रपति शिवाजी द्वारा उन्हें भेंट किया गया मुकुट उनके सिर पर वापस रख दिया और उन्हें शासन जारी रखने का निर्देश देते हुए याद दिलाया कि सच्ची सेवा व्यक्तिगत थकावट के बावजूद अपने दायित्वों को पूरा करने में निहित है।
सीएम फडणवीस ने क्या कहा
शास्त्री द्वारा की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिन में पहले कहाकि हमारे द्वारा पढ़े गए इतिहास या उपलब्ध पुस्तकों में ऐसा कोई उदाहरण नहीं है। यह देखते हुए कि महान व्यक्तित्वों के बारे में कहानियां अक्सर समय के साथ अलग-अलग रूप लेती हैं और रामायण और महाभारत के उदाहरणों का हवाला देते हुए, फडणवीस ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न लोक संस्करण मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अनावश्यक विवादों से बचना चाहिए और जिम्मेदारी से प्रतिक्रिया देनी चाहिए। उन्होंने कहाकि प्रतिक्रिया देने से पहले लोगों को चीजों को ठीक से समझना चाहिए। अनावश्यक अराजकता पैदा करना सही नहीं है।




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