CJI सूर्यकांत के बयान के बाद बनी कॉकरोच जनता पार्टी, ममता बनर्जी के सांसदों ने भी कर लिया ज्वॉइन
यह पार्टी कुछ ही दिनों में ही सुपरहिट हो गई है। लॉन्च होने के 24 घंटे के अंदर ही कॉकरोच जनता पार्टी के 15,000 से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए हैं। अब तक 40,000 से ज्यादा लोग इसके सदस्य बन चुके हैं।

देश के मुख्य न्यायधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर देश भर में बवाल मचा हुआ है। दरअसल पिछले सप्ताह उन्होंने एक बयान में कथित तौर पर यह कहा था कि देश के बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह कभी जर्नलिस्ट तो कभी RTI एक्टिविस्ट बन कर निकल आते हैं। इस बयान पर बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया। इसके बाद देश में एक पार्टी भी बनी है जिसे कॉकरोच जनता पार्टी का नाम दिया गया है। अब खबर है कि इस पार्टी को तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने भी ज्वॉइन कर लिया है।
दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी चुनाव लड़ने के बनी कोई असली पार्टी नहीं, बल्कि कुछ युवाओं ने इन्हें CJI की टिप्पणी के विरोध में बनाया है। यह पैरोडी अकाउंट सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हो रहा है। इस पार्टी के एक पेज को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लॉन्च भी किया गया, जिसे काफी युवा ज्वॉइन कर रहे हैं। 24 घंटे के अंदर पार्टी के 15,000 से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए। वहीं अब तक 40,000 से ज्यादा लोग इसके सदस्य बन चुके हैं। पार्टी ने अपनी बायो में लिखा है कि यह बेरोजगारों की आवाज उठाएगी।
महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद की एंट्री
इस पार्टी को ममता बनर्जी की पार्टी के सांसदों ने भी ज्वॉइन किया है। महुआ मोइत्रा और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने तो बकायदा सोशल मीडिया पर इस पार्टी की सदस्यता ले ली है। महुआ मोइत्रा ने एक पोस्ट में लिखा, “मैं एंटी नेशनल पार्टी की सदस्य होने के अलावा CJP में भी शामिल होना चाहूंगी। कीर्ति आजाद ने भी ऐसा ही पोस्ट किया। वहीं पार्टी ने रिप्लाई देते हुए दोनों का स्वागत किया।
क्या बोले थे जस्टिस सूर्यकांत?
CJI सूर्यकांत ने बीते शुक्रवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए बेरोजगार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' से की थी। उन्होंने कहा था कि बेरोजगार युवा आगे चलकर मीडिया, सोशल मीडिया और आरटीआई कार्यकर्ता बन जाते हैं और फिर व्यवस्था पर हमला शुरू कर देते हैं। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा हासिल करने की कोशिश कर रहे एक वकील को फटकार लगाते हुए यह टिप्पणी की थी।
CJI ने याचिकाकर्ता वकील से कहा था, ''पूरी दुनिया वरिष्ठ अधिवक्ता बनने की कोशिश कर रही है, लेकिन कम से कम आप इसके योग्य नहीं हैं।'' उन्होंने कहा, ''समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं और आप उनके साथ जुड़ना चाहते हैं?'' जस्टिस सूर्यकांत ने आगे कहा, ''कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जिन्हें न कोई रोजगार मिलता है और न ही किसी पेशे में उनका कोई स्थान होता है। उनमें से कुछ मीडिया के क्षेत्र में जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया कार्यकर्ता बनते हैं, कुछ आरटीआई कार्यकर्ता बनते हैं और फिर वे हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।''
विवाद बढ़ने पर दी सफाई
इस बवाल के बाद बवाल मच गया था और कहा जा रहा था कि देश के मुख्य न्यायधीश को युवाओं के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। इसके बाद CJI सूर्यकांत ने सफाई पेश की थी कि और कहा था कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि मीडिया में आई खबरों से उन्हें 'दुख' हुआ है, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने युवाओं की आलोचना की है।
CJI ने एक बयान में कहा, ''मुझे यह पढ़कर दुख हुआ कि मीडिया के एक वर्ग ने कल एक हल्के मामले की सुनवाई के दौरान मेरे द्वारा की गई मौखिक टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया है।'' जस्टिस सूयकांत ने कहा कि उन्होंने यह बयान ''नकली और फर्जी डिग्रियों'' के जरिए कानूनी पेशे में प्रवेश कर रहे लोगों के लिए था और मीडिया के एक वर्ग द्वारा उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया।




साइन इन