CJI Surya Kant Happy West Bengal 1st Phase Election Historic Voter Turnout What Did He Say बंगाल चुनाव के पहले फेज में ऐतिहासिक वोटिंग, खुश हो गए CJI सूर्यकांत, क्या कहा?, India News in Hindi - Hindustan
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बंगाल चुनाव के पहले फेज में ऐतिहासिक वोटिंग, खुश हो गए CJI सूर्यकांत, क्या कहा?

पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक वोटिंग पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि भारत के नागरिक के तौर पर मैं मतदान प्रतिशत देखकर बहुत खुश हुआ। जब लोग अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है।

Fri, 24 April 2026 09:57 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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बंगाल चुनाव के पहले फेज में ऐतिहासिक वोटिंग, खुश हो गए CJI सूर्यकांत, क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में लगभग 92 प्रतिशत रिकॉर्ड मतदान की सराहना करते हुए संतोष जताया कि चुनाव शांतिपूर्ण रहे और हिंसा की कुछ घटनाएं ही सामने आईं। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने मतदान प्रक्रिया पर संतोष जताते हुए कहा, "भारत के नागरिक के तौर पर मैं मतदान प्रतिशत देखकर बहुत खुश हुआ। जब लोग अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है।"

जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने इसी भावना को दोहराते हुए मतदान के दौरान हिंसा नहीं होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "हिंसा की भी कोई घटना नहीं हुई है।" इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने टिप्पणी की, "जब लोग मतपत्र में अपनी ताकत को पहचान लेते हैं, तो वे हिंसा में शामिल नहीं होते।" न्यायालय को बताया गया कि मतदाता,जिनमें प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं, अपने वोट डालने के लिए बड़ी संख्या में बाहर निकले, जिससे मतदान का एक ऐतिहासिक आंकड़ा सामने आया। पीठ ने इसे एक सकारात्मक संकेत माना, खासकर तब जब पहले मतदाता सूचियों के संशोधन को लेकर चिंताएं जताई गई थीं। इससे पहले 2011 में सबसे अधिक मतदान लगभग 84 प्रतिशत रहा था।

केवल 136 अपीलों का ही निपटारा

न्यायालय को हालांकि मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर अपीलों के निपटारे की धीमी गति को लेकर भी चिंता से अवगत कराया गया। न्यायालय को बताया गया कि 27 लाख अपीलों में से अब तक केवल 136 अपीलों का ही निपटारा हो पाया है। मतदाताओं की सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर अपीलों की सुनवाई के लिए 19 अपीलीय न्यायाधिकरण गठित किए गए हैं, जिनकी अध्यक्षता कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ न्यायाधीश कर रहे हैं।

'अपीलों पर तुरंत सुनवाई होनी चाहिए'

ये अपीलें उन 60 लाख नामों के दावों और आपत्तियों के निपटारे से जुड़ी हैं, जिन्हें 'तार्किक विसंगति' और 'अमैप्ड' मतदाताओं की श्रेणी में रखा गया था। इन दावों और आपत्तियों का निपटारा 700 न्यायिक अधिकारियों द्वारा किया गया था, जिनमें से 500 पश्चिम बंगाल से और 200 ओडिशा तथा झारखंड से थे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने इस स्थिति का संज्ञान लेते हुए कहा कि अपीलीय न्यायाधिकरणों के कामकाज और उनके निपटारे से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से संपर्क किया जा सकता है। इसमें फिर से दोहराया गया कि खासकर चल रही चुनाव प्रक्रिया को देखते हुए। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से जुड़ी अपीलों पर तुरंत सुनवाई होनी चाहिए। गौरतलब है कि इस मामले पर अगली सुनवाई 11 मई, 2026 को होगी।