कश्मीर के मामले में घुसा चीन, पाकिस्तान के साथ मिलकर जारी कर दिया बयान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर दोनों चीन पहुंचे हुए हैं। यहां दोनों ने मिलकर कश्मीर पर बयान दिया है। बता दें कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है।

चीन ने एक बार फिर अपनी हद पार की है। हाल ही में चीन ने पाकिस्तान के साथ एक साझा बयान जारी कर जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर टिप्पणी की है। जाहिर है यह बयान सीधे तौर पर भारत की संप्रभुता से जुड़ा है और चीन भारत को उकसाने की कोशिश कर रहा है। दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर चीन पहुंचे हुए हैं। चीन की तरफ से यह बयान इन नेताओं के साथ बैठक के बाद ही आया है।
शहबाज शरीफ की बीजिंग यात्रा के दौरान जारी एक संयुक्त बयान में चीन ने फिर से पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते हुए कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत सुलझाने की बात कही है। न्यूज 18 की एक रिपोर्ट में मुताबिक बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में हुई हाई-लेवल बैठक के बाद चीन और पाकिस्तान ने एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया है। इसमें दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सुरक्षा परिषद के पुराने प्रस्तावों का हवाला देते हुए कश्मीर विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है।
CPEC का भी जिक्र
चीन और पाक के इस बयान साझा बयान में ना सिर्फ कश्मीर का जिक्र है, बल्कि और भी कई मुद्दों के जरिए भारत को उकसाने की सीधी कोशिश की गई है। इसमें चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी CPEC का भी जिक्र है। CPEC का मुख्य मार्ग गिलगित-बाल्टिस्तान (PoK) से होकर गुजरता है, जो भारत का अभिन्न हिस्सा है। वहीं इस प्रोजेक्ट के तहत चीन पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को भी विकसित कर रहा है। इससे चीन को हिंद महासागर और अरब सागर में सीधी और परमानेंट एंट्री मिल सकती है, जो भारत की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।
जिनपिंग ने पाकिस्तान संग दोस्ती को बताया अटूट
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। इस दौरान जिनपिंग ने चीन और पाकिस्तान के बीच 'अटूट' दोस्ती की तारीफ की। जिनपिंग ने कहा कि पाकिस्तान ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए मध्यस्थता की भूमिका निभाने की जो पहल की है, वह सराहनीय है। डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक शरीफ संग बैठक के दौरान, शी जिनपिंग ने उन्हें अपना 'पुराना दोस्त’ भी बताया और कहा कि दोनों देशों ने दशकों से एक-दूसरे को समझा, भरोसा किया और समर्थन दिया है। वहीं शहबाज शरीफ ने अमेरिका-ईरान के युद्ध में पाकिस्तान की मध्यस्थता का समर्थन करने के लिए चीन का शुक्रिया अदा किया।
भारत पहले भी दे चुका है करारा जवाब
चीन और पाकिस्तान के पैंतरों पर भारत कई बार मुहतोड़ जवाब दे चुका है। भारत ने पाकिस्तान और चीन दोनों को समझा दिया है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारतीय खुफिया सूत्रों के मुताबिक अब चीन पुराने UN प्रस्तावों का हवाला देकर 2019 में अनुच्छेद 370 के हटने के बाद की जमीनी हकीकत को जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा है। एक वरिष्ठ भारतीय सूत्र ने कहा, “जम्मू-कश्मीर भारत का अटूट हिस्सा है। 2019 में संवैधानिक बदलावों के बाद अब किसी भी बाहरी देश या समूह के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की कोई गुंजाइश बची ही नहीं है।”




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