bundle of notes found on seat of a Congress MP in Rajya Sabha uproar in Parliament राज्यसभा में कांग्रेस सांसद सिंघवी की सीट से नोटों का बंडल मिलने का दावा, बरपा हंगामा, India News in Hindi - Hindustan
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राज्यसभा में कांग्रेस सांसद सिंघवी की सीट से नोटों का बंडल मिलने का दावा, बरपा हंगामा

  • राज्यसभा में संसदीय दल के नेता और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसे काफी गंभीर घटना करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सदन की गरिमा पर एक चोट है।

Fri, 6 Dec 2024 12:03 PMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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राज्यसभा में कांग्रेस सांसद सिंघवी की सीट से नोटों का बंडल मिलने का दावा, बरपा हंगामा

राज्यसभा में नोटों की गड्डियां मिलने का दावा किया गया है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को सदन को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि एक नियमित एंटी-सैबोटेज जांच के दौरान सदन के अंदर से नकदी के बंडल बरामद किए गए। सभापति ने बताया कि यह नकदी सीट नंबर 222 के नीचे से मिली जो कि वर्तमान में तेलंगाना से निर्वाचित कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को आवंटित है।

धनखड़ ने सदन में कहा, “सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने चेंबर की नियमित जांच की। इस दौरान सीट नंबर 222 के नीचे से नकदी का बंडल बरामद किया गया। मामला मेरे संज्ञान में लाया गया और मैंने सुनिश्चित किया कि इस पर जांच हो। फिलहाल जांच जारी है।”

क्या बोले अभिषेक मनु सिंघवी?
सिंघवी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैं राज्यसभा में जाते समय केवल 500 का एक नोट अपने साथ रखता हूं। मैंने इस मामले के बारे में पहली बार सुना है। कल मैं ठीक 12:57 बजे सदन में पहुंचा। सदन 1 बजे स्थगित हो गया। उसके बाद मैं कैंटीन में 1:30 बजे तक बैठा रहा और फिर संसद परिसर से चला गया।"

राज्यसभा में संसदीय दल के नेता और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसे काफी गंभीर घटना करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सदन की गरिमा पर एक चोट है। सदन के क्रियाकलाप पर सवाल खड़ा हो गया है। उन्होंने इस दौरान सिंघवी का नाम भी लिया था।

कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने जेपी नड्डा के द्वारा कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी का नाम लेने पर पलटवार किया है। खरगे ने कहा, "मैं यह निवेदन करता हूं कि जब तक इस घटना की जांच पूरी नहीं होती और इसकी प्रामाणिकता स्थापित नहीं होती,तब तक किसी सदस्य का नाम नहीं लिया जाना चाहिए।"

सभापति के इस खुलासे के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी और सत्ताधारी दलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कुछ सदस्यों ने निष्पक्ष जांच की मांग की तो कुछ ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।