BJP Teaches Raghav Chadha a Lesson in Discipline Dont Just Say Nitin Nabin Address Him as Rashtriya Adhyaksh ji राघव चड्ढा को BJP ने पढ़ाया अनुशासन का पाठ- नितिन नवीन नहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष जी कहिए, India News in Hindi - Hindustan
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राघव चड्ढा को BJP ने पढ़ाया अनुशासन का पाठ- नितिन नवीन नहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष जी कहिए

भाजपा का मानना है कि बीजेपी एक कैडर आधारित पार्टी है जहां व्यक्ति से बड़ा पद और पद से बड़ा संगठन माना जाता है। यहां वरिष्ठ नेताओं, विशेष रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष को व्यक्तिगत नाम से संबोधित करने के बजाय उनके पद के नाम से बुलाने की अनकही लेकिन अनिवार्य परंपरा रही है।

Thu, 30 April 2026 07:21 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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राघव चड्ढा को BJP ने पढ़ाया अनुशासन का पाठ- नितिन नवीन नहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष जी कहिए

Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद पार्टी की संस्कृति का पहला सबक सिखाया गया। यह उसी दिन की बात है जब राघव चड्ढा ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की और उन्हें बार-बार उनके नाम से संबोधित किया।

इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में बीजेपी के सूत्रों के हवाले से कहा है कि पिछले सप्ताह जब राघव चड्ढा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले, तो उन्होंने बातचीत के दौरान तीन-चार बार उन्हें नितिन नवीन जी कहकर पुकारा। राघव चड्ढा की इस संबोधन शैली पर वहां मौजूद बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ की ध्यान गई। सूत्रों ने बताया कि तरुण चुघ ने तुरंत हस्तक्षेप किया और राघव चड्ढा को धीरे से टोकते हुए याद दिलाया कि बीजेपी की परंपरा के अनुसार उन्हें नाम के बजाय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी कहकर संबोधित किया जाना चाहिए।

पहले भी इस तरह के आदेश

यह कोई पहला मौका नहीं है जब नितिन नवीन को लेकर इस तरह की बात कही गई हो। इससे पहले जब वह राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ही बने थे तब पार्टी ने स्पष्ट कर दिया था कि संगठन में पद सर्वोपरि है। चूंकि नए अध्यक्ष उम्र और अनुभव में कई वरिष्ठ नेताओं से छोटे हैं, इसलिए अक्सर आपसी चर्चाओं में वरिष्ठ नेता उन्हें नाम से संबोधित कर देते थे। पार्टी ने अब सभी नेताओं और पदाधिकारियों को सख्त हिदायत दी थी कि बातचीत के दौरान प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाए।

भाजपा ने निर्देश दिया था कि पुराने निजी संबंध चाहे जो भी रहे हों, लेकिन चर्चा के दौरान पद की गरिमा के अनुरूप ही सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग होना चाहिए।

भाजपा का मानना है कि बीजेपी एक कैडर आधारित पार्टी है जहां व्यक्ति से बड़ा पद और पद से बड़ा संगठन माना जाता है। यहां वरिष्ठ नेताओं, विशेष रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष को व्यक्तिगत नाम से संबोधित करने के बजाय उनके पद के नाम से बुलाने की अनकही लेकिन अनिवार्य परंपरा रही है। यह अनुशासन पार्टी के शुरुआती दिनों जनसंघ काल से ही चला आ रहा है।