Bill to remove tainted PM CM introduced in Lok Sabha Opposition opposes will be sent to JPC दागी PM-CM को हटाने वाला बिल लोकसभा में पेश, विपक्ष का विरोध; JPC में भेजा जाएगा, India News in Hindi - Hindustan
More

दागी PM-CM को हटाने वाला बिल लोकसभा में पेश, विपक्ष का विरोध; JPC में भेजा जाएगा

अमित शाह के बिल पेश करने के बाद विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। हालांकि, अमित शाह ने साफ किया है कि दागी सीएम-पीएम और मंत्रियों को हटाने वाला बिल संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सामने विचार के लिए भेजा जाएगा।

Wed, 20 Aug 2025 02:36 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
share
दागी PM-CM को हटाने वाला बिल लोकसभा में पेश, विपक्ष का विरोध; JPC में भेजा जाएगा

प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को अपराध के गंभीर आरोपों के बाद पद से हटाने वाला बिल बुधवार को अमित शाह ने लोकसभा में पेश किया। कांग्रेस, सपा समेत सभी विपक्षी दलों ने बिल का पुरजोर विरोध किया। कांग्रेस ने बिल को पूरी तरह से विनाशकारी बताया, जबकि अमित शाह ने कहा कि बिल को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में भेजा जाएगा। बिल में प्रस्तावित किया गया है कि अगर कोई मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या फिर मंत्री पर गंभीर आरोप हैं और उसकी गिरफ्तारी होती है तो 30 दिनों तक जेल में रहने के बाद 31वें दिन उसके इस्तीफा देना पड़ेगा या फिर उसे बर्खास्त कर दिया जाएगा।

लोकसभा में अमित शाह के बिल पेश करने के बाद विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत समूचे विपक्ष का हंगामा देखने को मिला, जिसके बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। अमित शाह ने कहा कि दागी सीएम-पीएम और मंत्रियों को हटाने वाला बिल संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सामने विचार के लिए भेजा जाएगा। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बिल को "पूरी तरह से विनाशकारी" बताया। कांग्रेस सांसद ने कहा, ''भारतीय संविधान कहता है कि कानून का शासन होना चाहिए, और इसका आधार यह है कि जब तक दोषी साबित न हो जाए, तब तक आप निर्दोष हैं। यह विधेयक इसमें बदलाव की उम्मीद करता है। यह एक कार्यकारी एजेंसी के अधिकारी को प्रधानमंत्री का बॉस बनाता है।''

बिल का विरोध करते हुए एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "मैं जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025, केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025 और संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक 2025 को पेश किए जाने का विरोध करता हूं। यह सरकार चुनने के अधिकार को कमजोर करता है। यह कार्यकारी एजेंसियों को तुच्छ आरोपों और संदेह के आधार पर न्यायाधीश और जल्लाद बनने की खुली छूट देता है। सरकार पुलिस राज्य बनाने पर तुली हुई है। यह निर्वाचित सरकार के लिए मौत की कील होगी। इस देश को पुलिस राज्य में बदलने के लिए भारत के संविधान में संशोधन किया जा रहा है।"

आम आदमी पार्टी ने भी बिल का विरोध किया है। इंडिया गठबंधन का हिस्सा न होने पर भी आप ने कहा कि वह इसका कड़ा विरोध करती है। 'आप' नेता अनुराग ढांडा ने कहा, “केंद्र सरकार संसद में जो बिल पेश करेगी, उसका 'आप' कड़ा विरोध करती है। यह बिल तानाशाही लागू करने का तरीका है। केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं के खिलाफ एजेंसियों का दुरुपयोग करती रही है। कभी मंत्रियों को गिरफ्तार करती है, तो कभी दूसरी पार्टियों के मुख्यमंत्रियों को। सत्येंद्र जैन पर फर्जी केस लगाकर उन्हें डेढ़ साल से ज़्यादा जेल में रखा और कुछ दिन पहले कहा कि उनके पास उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। इस बिल के मुताबिक, निर्दोष होते हुए भी सत्येंद्र जैन को मंत्री पद से हटाया जा सकता है। इस बिल का इस्तेमाल करके वे पूरी सरकार भी गिरा सकते हैं।” केंद्रीय गृह मंत्री ने लोकसभा में बुधवार को कुल तीन बिल पेश किए। ये तीनों बिल संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025, केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक हैं। सरकार ने तीनों बिलों में सख्त प्रावधान किए हैं।