Big Relief to Gig Workers, Government Stops 10 Minute Deliveries Feature अब 10 मिनट में नहीं मिलेगी डिलीवरी, गिग वर्कर्स के लिए सरकार ने हटाई टाइम लिमिट वाली शर्त, India News in Hindi - Hindustan
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अब 10 मिनट में नहीं मिलेगी डिलीवरी, गिग वर्कर्स के लिए सरकार ने हटाई टाइम लिमिट वाली शर्त

श्रम मंत्री मनसुख मांडविया के हस्तक्षेप के बाद क्विक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट ने अपने सभी ब्रांड से 10 मिनट में डिलीवरी का दावा हटा दिया है। केंद्रीय मंत्री ने ब्लिंकिट के अलावा जेप्टो, स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी बात की है।

Tue, 13 Jan 2026 02:59 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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अब 10 मिनट में नहीं मिलेगी डिलीवरी, गिग वर्कर्स के लिए सरकार ने हटाई टाइम लिमिट वाली शर्त

10-Minute Delivery Stop: देशभर के गिग वर्कर्स की हड़ताल का एक बड़ा असर हुआ है। अब आमलोगों को 10 मिनट के अंदर डिलीवरी की सुविधा नहीं मिल सकेगी। सरकार ने डिलीवरी ब्यॉज की सुरक्षा को देखते हुए इस टाइम लिमिट की शर्त हटा दी है। श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया के हस्तक्षेप के बाद क्विक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट ने अपने सभी ब्रांड से 10 मिनट में डिलीवरी का दावा हटा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, क्विक कॉमर्स कंपनी Blinkit जल्द ही अपने विज्ञापनों और प्रचार सामग्री से भी '10 मिनट में डिलीवरी’ का दावा हटाने जा रही है।

ब्लिंकिट के बाद बाकी अन्य कंपनियों की ओर से भी जल्द ही इस तरह का ऐलान किया जा सकता है। केंद्रीय श्रम मंत्री ने ब्लिंकिट के अलावा जेप्टो, स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी बात की है और उन्हें भी डिलीवरी ब्यॉज की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। यह फैसला सरकार के हस्तक्षेप और डिलीवरी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बाद लिया गया है।

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डिलीवरी ब्यॉज पर अनावश्यक दबाव और बोझ

केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने Blinkit, Zepto, Swiggy और Zomato जैसी बड़ी कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठकें कीं और उनसे कहा कि वे अपने **ब्रांड प्रचार में तय समय सीमा वाली डिलीवरी का उल्लेख न करें। सरकार की चिंता यह है कि बहुत कम समय में डिलीवरी का वादा डिलीवरी कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव डाल सकता है और उनकी सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। बता दें कि गिग वर्कर्स के संगठन ने इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की स्थितियों, डिलीवरी के दबाव और सोशल सिक्योरिटी की कमी जैसे मुद्दे उठाए थे।

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डिलीवरी धीमी नहीं होगी

सूत्रों ने बताया कि ‘10 मिनट डिलीवरी’ का टैग हटाने का मतलब यह नहीं है कि अब डिलीवरी देर से होगी। बल्कि कंपनियां अब अपने प्रचार में निश्चित समय का वादा करने से बचेंगी, ताकि कर्मचारियों पर असुरक्षित तरीके से काम करने का दबाव न बने। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला क्विक कॉमर्स सेक्टर में एक बड़ा बदलाव दिखाता है, जहां प्रतिस्पर्धा के बावजूद अब कर्मचारी सुरक्षा और नियामक चिंताओं को अधिक महत्व दिया जा रहा है।

Blinkit to drop 10-minute-delivery

हड़ताल से बढ़ी बहस

देशभर में 25 और 31 दिसंबर को गिग और डिलीवरी कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। यूनियनों का आरोप था कि कंपनियां असुरक्षित डिलीवरी मॉडल अपना रही हैं और कर्मचारियों की कमाई घटा रही हैं। इसके अलावा गिग वर्कर्स को पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा नहीं दे रही हैं। हालांकि नए साल की पूर्व संध्या पर ज़्यादातर शहरों में डिलीवरी सेवाएं सामान्य रहीं, लेकिन इस मुद्दे पर बहस तेज़ हो गई।