Big news PM modi UAE visit during europe tour mbz meeting details यूरोप जाते समय रास्ते में UAE रुकेंगे पीएम मोदी? हाल ही में लौटे हैं जयशंकर और डोभाल, India News in Hindi - Hindustan
More

यूरोप जाते समय रास्ते में UAE रुकेंगे पीएम मोदी? हाल ही में लौटे हैं जयशंकर और डोभाल

पीएम मोदी अपने यूरोप दौरे के बीच एक संक्षिप्त यात्रा के लिए UAE जा सकते हैं। जानिए राष्ट्रपति MBZ के साथ उनकी इस संभावित मुलाकात, LNG डील और भारत-यूएई के मजबूत होते कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्तों के अहम मायने।

Thu, 30 April 2026 06:25 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, दुबई
share
यूरोप जाते समय रास्ते में UAE रुकेंगे पीएम मोदी? हाल ही में लौटे हैं जयशंकर और डोभाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एक संक्षिप्त यात्रा कर सकते हैं। अपनी आगामी यूरोप यात्रा के दौरान पीएम मोदी बीच रास्ते में कुछ समय के लिए यूएई में रुकेंगे, जहां उनकी यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (MBZ) के साथ द्विपक्षीय वार्ता होने की उम्मीद है। वर्तमान में इस यात्रा की रूपरेखा तैयार की जा रही है और अभी तक इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

यूरोप दौरे के बीच यूएई में पड़ाव

प्रधानमंत्री मोदी 15 से 20 मई तक चार यूरोपीय देशों- नॉर्वे, स्वीडन, नीदरलैंड और इटली की अहम यात्रा पर रहेंगे। इस दौरे का मुख्य आकर्षण ओस्लो (नॉर्वे) में होने वाला 'भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन' होगा। इस साल की शुरुआत में यूरोपीय संघ (EU) के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दिए जाने के बाद पीएम मोदी की यह पहली यूरोप यात्रा होगी।

संकट के बीच निरंतर उच्च-स्तरीय वार्ताएं

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बावजूद दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय दौरों का सिलसिला लगातार जारी है। अगर पीएम मोदी यूएई पहुंचते हैं, तो यह इसी कड़ी का नवीनतम हिस्सा होगा। इससे पहले यूएई के राष्ट्रपति (MBZ) एक दिवसीय यात्रा पर भारत आए थे, जहां उन्होंने पीएम मोदी के साथ वार्ता की।

मार्च में ईरान युद्ध के बीच, यूएई की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल-हाशिमी ने भारत का दौरा किया। अप्रैल (11-12) में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूएई का दौरा किया। उन्होंने राष्ट्रपति MBZ से मुलाकात कर पीएम मोदी का एक निजी संदेश उन्हें सौंपा। इसके अलावा, उन्होंने यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी क्षेत्रीय स्थिरता और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की।

पिछले सप्ताह ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने यूएई जाकर राष्ट्रपति MBZ से मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों पर अहम चर्चा हुई।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:UAE के इस फैसले से चमकेगी भारत की किस्मत, डॉलर के बजाय रुपये में मिलेगा तेल!

तेजी से बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक संबंध

पिछले एक दशक में भारत और यूएई के संबंधों में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। दोनों देशों ने आर्थिक, सुरक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी साझेदारी को काफी मजबूत किया है। वर्ष 2021 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ा दिया था। यूएई भारत के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में से एक है। 2025 में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 100 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। दोनों देशों का लक्ष्य 2032 तक इस व्यापार को दोगुना करना है। यूएई ऊर्जा, बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत में सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में से एक बन गया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मुसलमान देशों में एक और फूट, कैसे सऊदी और पाक बने ओपेक से UAE के अलग होने की वजह

ऊर्जा क्षेत्र में गहराता सहयोग (एलएनजी और ओपेक)

ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से दोनों देशों के बीच हाल ही में कई बड़े कदम उठाए गए हैं। जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान 10 साल का तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) आपूर्ति समझौता हुआ था। इसके तहत, यूएई 2028 से शुरू होकर अगले 10 वर्षों तक भारत को $3 बिलियन तक की एलएनजी की आपूर्ति करेगा।

यूएई ने तेल निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) से बाहर निकलने का फैसला किया है। इसके बाद यह उम्मीद की जा रही है कि यूएई अपने तेल उत्पादन में भारी वृद्धि करेगा, जिससे भारत और यूएई के बीच ऊर्जा संबंध और अधिक मजबूत होंगे। संक्षेप में कहें तो, पीएम मोदी की यह संभावित यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश न केवल व्यापार और ऊर्जा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं, बल्कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच एक-दूसरे के मजबूत रणनीतिक साझेदार भी बने हुए हैं।